युवराज मंचंदा हत्याकांड: दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में लिया

दिल्ली पुलिस ने युवराज मंचंदा की हत्या के मामले में आरोपी अन्या वत्स और उनके सहयोगी संयम सचदेवा को पूछताछ के लिए पांच दिन की हिरासत में ले लिया है। दक्षिण-पूर्व दिल्ली के पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने शुक्रवार को बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने युवराज से मिलने और उनकी हत्या करने की बात कबूल कर ली है। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने हत्या के बाद शव को गुरुग्राम के बादशाहपुर इलाके में फेंक दिया था। गुरुग्राम पुलिस पहले ही इस मामले में पोस्टमार्टम कराकर अपने मानक संचालन प्रक्रिया के तहत शव का अंतिम संस्कार कर चुकी है।
पुलिस के अनुसार 31 वर्षीय युवराज सिंह मंचंदा 6 सितंबर को शाम करीब चार बजे लाजपत नगर से यह कहकर निकले थे कि उनकी गुरुग्राम में एक मीटिंग है और वे रात करीब दस बजे तक घर लौट आएंगे। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया और वे घर नहीं लौटे। युवराज की बहन ने 11 सितंबर को दोपहर करीब 4:15 बजे लाजपत नगर पुलिस स्टेशन में उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। तकनीकी विश्लेषण और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने अन्या वत्स और संयम सचदेवा को उत्तराखंड से ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने युवराज की हत्या करने और गुरुग्राम में अपने घर के पास एक नाले में शव ठिकाने लगाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस को 10 सितंबर को एक शव मिला था और उन्होंने 14 सितंबर को उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। मृतक के दोस्त और वकील रजत जैन ने इस मामले में पुलिस रिकॉर्ड और समय सीमा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ज़िपनेट पोर्टल पर विवरण 16 सितंबर को अपलोड किया गया जबकि अंतिम संस्कार 14 सितंबर को ही हो चुका था।
मृतक की बहन ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें युवराज का सामान नहीं लौटाया गया और न ही उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी गई। बहन ने बताया कि पुलिस ने उन्हें केवल यह बताया कि शव सड़ चुका था इसलिए उसे मोर्चरी में रखकर 14 सितंबर को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मामले के अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।