गुरुग्राम में उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के बिजनौर एसपी ने पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि दूसरे राज्य में कार्रवाई करने से पहले तय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन बिल्कुल नहीं किया गया था।बिजनौर पुलिस की इस लापरवाही के कारण स्थानीय गुरुग्राम पुलिस को भी इस दबिश की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।
बिजनौर जिले के नांगल थाना क्षेत्र के तिसोतरा गांव का रहने वाला पंकज कुमार एक आपराधिक मामले में वांछित चल रहा था। उत्तर प्रदेश पुलिस को 25 अगस्त की रात को यह गुप्त सूचना मिली थी कि वांछित आरोपी पंकज गुरुग्राम के राजीव नगर इलाके में अपने दोस्त डिकेंद्र उर्फ डीके के किराए के कमरे में छिपा हुआ है।
इसी सूचना के आधार पर नांगल थाने की पुलिस टीम बिना किसी औपचारिकता के सीधे गुरुग्राम पहुंच गई थी।बिजनौर पुलिस की यह टीम बिना कोई रवानगी दर्ज किए और सादे कपड़ों में यानी सिविल ड्रेस में सीधे उस कमरे पर जा पहुंची थी। पुलिस के अनुसार जब टीम कमरे पर पहुंची तो वहां पंकज के अलावा उसका दोस्त डिकेंद्र भी मौजूद था, साथ ही फ्लैट में डिकेंद्र की गर्लफ्रेंड और उसकी बहन भी थीं।
दरवाजा खटखटाने पर दोनों युवक डर गए और बाथरूम के अंदर जाकर छिप गए थे।उत्तर प्रदेश पुलिस का यह दावा है कि जब वे अंदर गए तो खींचतान के दौरान डिकेंद्र ने बाथरूम के अंदर ही खुद को गोली मार ली। इस घटना में पेट में गोली लगने से डिकेंद्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटना के तुरंत बाद पुलिसकर्मियों ने अपने थाना प्रभारी को इसकी सूचना दी जिसके बाद बिजनौर के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत गुरुग्राम पहुंचे और स्थानीय पुलिस से मामले की पूरी जानकारी ली।इस पूरी घटना के बाद नियमों की अनदेखी और लापरवाही सामने आने पर बिजनौर के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने सख्त कदम उठाया है। एसपी ने नांगल थाने के दरोगा हरस्वरूप शर्मा और चार अन्य कांस्टेबल सुजीत कुमार, रोहित कुमार, अरुण राजौरा व पवन कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।