दिल्ली में सबसे ज्यादा तुगलकाबाद में कटे 48 प्रतिशत वोट, जानिए पूरी खबर

दिल्ली की नई मतदाता सूची में सबसे बड़ा बदलाव सामने आया है। 31 अगस्त 2026 को जारी ड्राفت मतदाता सूची के अनुसार, तुगलकाबाद विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 48 प्रतिशत मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। यह दर रोहिणी की तुलना में लगभग तीन गुना है, जहां सबसे कम 16.5 प्रतिशत वोट काटे गए हैं। पूरी राष्ट्रीय राजधानी में 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से करीब 47.7 लाख मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया गया है, जिससे कुल विलोपन दर 32.7 प्रतिशत हो गई है।
दक्षिण पूर्व दिल्ली जिला और डिजिटलीकरण की स्थिति
दिल्ली के जिलों में दक्षिण पूर्व दिल्ली, जिसके अंतर्गत तुगलकाबाद आता है, ने 43.6 प्रतिशत की सबसे अधिक क्षेत्रीय विलोपन दर दर्ज की है। इसके अलावा, तुगलकाबाद में गणना फॉर्मों की डिजिटलीकरण दर 52.15 प्रतिशत दर्ज की गई, जो रोहिणी में हासिल की गई 83.43 प्रतिशत दर के बिल्कुल विपरीत है। यह पूरी प्रक्रिया एक विशेष गहन संशोधन अभियान के तहत हुई।
विशेष गहन संशोधन और कारण
यह प्रक्रिया 30 जून और 17 अगस्त के बीच चलाए गए घर-घर गणना अभियान सहित एक विशेष गहन संशोधन अभ्यास के बाद हुई। बूथ-स्तरीय अधिकारियों ने राजनीतिक दलों के बूथ-स्तरीय एजेंटों के समन्वय में सत्यापन प्रक्रिया को प्रबंधित किया। अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहराए गए और अन्य मानदंडों के तहत फॉर्म जमा न करने या मतदाताओं के वर्गीकृत होने के कारण ये नाम हटाए गए।
नाम जुड़वाने के लिए अंतिम तारीख
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे पूरी तरह से बाहर नहीं हुए हैं। जिन नागरिकों के नाम गायब हैं, वे 30 सितंबर 2026 तक फॉर्म 6 के माध्यम से दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। चुनाव आयोग दावों की नोटिस और निपटान प्रक्रिया की देखरेख करेगा, जो 29 अक्टूबर तक समाप्त होने वाली है। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।