रायगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टरों पर कसा शिकंजा

रायगढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से चल रहे क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के निर्देशन में यह अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिना वैध अनुमति के प्रैक्टिस करने वालों पर नजर रखना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना उचित प्रमाण पत्र के चिकित्सा या शल्य चिकित्सा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सही इलाज के लिए केवल पंजीकृत सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों या योग्य डॉक्टरों से ही उपचार करवाएं। यह निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें कोई ढील नहीं दी जाएगी। विभाग ने लोगों से यह भी कहा है कि वे किसी भी unauthorized medical practice की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
मरीजों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम करने के लिए जिले के लगभग सभी ब्लॉकों में जन औषधि केंद्र काम कर रहे हैं। इन केंद्रों पर ब्रांडेड दवाओं की तुलना में सत्तर प्रतिशत तक कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं मिल रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ये जेनेरिक दवाएं सभी गुणवत्ता मानकों को पूरा करती हैं। दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में इन केंद्रों के होने से लोगों को जरूरी दवाएं आसानी से मिल रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे डॉक्टर की सलाह पर ही दवाएं लें और जेनेरिक विकल्पों के बारे में डॉक्टरों या फार्मासिस्ट से बात करें। अवैध क्लीनिकों के खिलाफ यह सख्ती जिले के लोगों को सुरक्षित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए की जा रही है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ न होने दें और केवल योग्य डॉक्टरों से ही इलाज करवाएं।