दिल्ली के मिंटो रोड के पास बने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के नए स्थायी कार्यालय की सुरक्षा के लिए 38 सीआरपीएफ जवानों को तैनात किया गया है। यह जानकारी केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी है। यह नया कार्यालय 55,000 वर्ग फीट में फैला हुआ है।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि परीक्षा से जुड़े कामों की गोपनीयता बनाए रखने और किसी भी लीक को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
एनटीए के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए यह व्यवस्था की गई है। न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ के सामने यह जानकारी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दी।
शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने अदालत को बताया कि एनटीए में बदलाव किया जा रहा है।
सुरक्षा, मानव संसाधन और अनुसंधान क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से योग्य लोगों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा आईएएस, आईपीएस और आईएसएस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी एनटीए में शामिल किया गया है ताकि विशेष विशेषज्ञता मिल सके।
सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए में स्थायी कर्मचारियों की जरूरत पर जोर दिया है।
अदालत ने कहा कि एजेंसी में केवल प्रतिनियुक्ति पर निर्भर रहने के बजाय स्थायी स्टाफ होना चाहिए। इसके अलावा नंदन नीलेकणी समिति की रिपोर्ट सितंबर के अंत तक आने की उम्मीद है। अदालत ने केंद्र सरकार को एनटीए सुधारों पर प्रगति रिपोर्ट के साथ नया हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।