नेपाल में भयंकर बाढ़ का कहर, भारत ने भेजी राहत सामग्री और मदद

नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आए अचानक बाढ़ के कारण भारी तबाही हुई है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार 1 सितंबर 2026 तक इस आपदा में कम से कम 987 लोगों की मौत हुई है, 1,473 लोग घायल हुए हैं और 3,916 लोग लापता बताए गए हैं। इस आपदा से घर, आजीविका और स्कूल, अस्पताल तथा पुल जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे नष्ट हो गए हैं। भौतिक बुनियादी ढांचा और परिवहन मंत्रालय के अनुसार केवल सड़क और पुल का नुकसान 200 अरब नेपाली रुपये से अधिक है। राष्ट्रीय योजना आयोग का अनुमान है कि कुल आर्थिक नुकसान 600 से 700 अरब नेपाली रुपये के बीच है। नेपाल सरकार ने खोज, बचाव और चिकित्सा राहत को प्राथमिकता देने के लिए लगभग 19,000 सुरक्षा कर्मियों और 16 हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है (स्रोत)। इस व्यवधान के कारण चीनी सीमा के व्यापार मार्ग कट गए हैं, जिससे चीनी आयात के लगभग 3 अरब अमेरिकी डॉलर को भारतीय बंदरगाहों के माध्यम से भेजना पड़ रहा है, जिससे 20 ट्रांजिट दिन बढ़ने और व्यापार लागत में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार इस आपदा से 17,000 से अधिक बच्चे प्रभावित हुए हैं।