एनडीएमसी चेयरमैन मनोज द्विवेदी ने सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति को स्वीकार किया

नई दिल्ली नगर पालिका परिषद यानी एनडीएमसी के चेयरमैन मनोज द्विवेदी ने सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की खराब स्थिति को स्वीकार किया है। उन्होंने माना है कि परिषद के अधिकार क्षेत्र में आने वाले कई शौचालय संतोषजनक स्थिति में नहीं हैं और उनमें सुधार की तत्काल आवश्यकता है। यह स्वीकारोक्ति व्यापक रिपोर्टों और एक हालिया रियलिटी चेक के बाद आई है जिसमें गंदगी, दुर्गंध और खराब रखरखाव जैसी समस्याएं सामने आई थीं। इस संबंध में अधिक जानकारी एनडीएमसी पोर्टल पर उपलब्ध है।
सुपर बाजार, आरके आश्रम, शंकर मार्केट और शिवाजी मेट्रो स्टेशन के परिसरों में भारी लापरवाही पाई गई है। इसके अलावा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और चेम्सफोर्ड रोड के पास स्थित शौचालयों में बिजली और पानी की कमी है। कुछ स्थानों पर इनका गलत इस्तेमाल होने की भी खबरें हैं। एनडीएमसी कुल 364 सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालय परिसरों का प्रबंधन करती है, जिनमें से 223 निजी रियायत धारकों द्वारा संचालित किए जाते हैं जिन्हें कड़े दिशा-निर्देशों का पालन करना होता है।
पालिंका बाजार दुकानदारों कल्याण संघ ने रखरखाव कर्मचारियों की संख्या कम होने पर चिंता जताई है। इस गिरावट से निपटने के लिए एनडीएमसी अपने बाकी शौचालय परिसरों के रखरखाव को आउटसोर्स करने की तैयारी कर रही है। आगामी 12-13 सितंबर 2026 को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर परिषद ने स्वच्छता योजना शुरू की है। परिषद 341 स्टेशनों पर एक फीडबैक डैशबोर्ड का उपयोग करती है और कचरा फैलाने पर 2020-21 से 2026-27 के बीच 11,534 चालान जारी कर 4.38 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है।