महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने नवी मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर एक बड़ी कार्रवाई की है। यह संयुक्त कार्रवाई 24 अगस्त से 29 अगस्त 2026 के बीच की गई, जिसकी पुष्टि 31 अगस्त 2026 को हुई। इस कार्रवाई में लोकप्रिय खाद्य उत्पादों की एक्सपायरी डेट अवैध रूप से बदलने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में यह ऑपरेशन चलाया गया। अधिकारियों ने नवी मुंबई के तुर्भे स्थित टीटीसी औद्योगिक क्षेत्र में साधना एंटरप्राइजेज पर छापा मारा, जहां पाया गया कि पैकेजिंग पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट को मिटाया जा रहा था और उनकी जगह नई तारीखें डाली जा रही थीं। जांच में यह भी सामने आया कि मूल सामग्री और पोषण संबंधी लेबल हटा दिए गए थे और उनकी जगह नए स्टिकर लगाए जा रहे थे।
साधना एंटरप्राइजेज का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। इस रैकेट के तहत उत्पादों को शेल्फ-लाइफ नियमों को दरकिनार करने के लिए दोबारा पैक किया जा रहा था। जब्त किए गए स्टॉक की कुल कीमत लगभग 75.52 लाख रुपये आंकी गई है। इस स्टॉक में 4,942 से 8,442 कार्टन उत्पाद शामिल हैं। इन उत्पादों में लेज, कुरकुरे, मैगी, नूडल्स, केनोर, हेलमंस, थम्स अप, लिमका और फन फ्लिप्स शामिल हैं। कुल मूल्यांकन में प्राथमिक रूप से से मिले 75.21 लाख रुपये के साथ-साथ 30,600 रुपये मूल्य की बिना लेबल वाली और एक्सपायर वस्तुएं भी शामिल हैं।
इस अवैध कारोबार के तार 10 निर्यात कंपनियों से जुड़े हुए पाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली और नोएडा की व्यापारिक फर्मों पर भी जांच का शिकंजा कसा जा रहा है। मुख्य छापे के अलावा, यूनिक फ्रेगरेन्स और प्रिस्टीन वर्ल्डवाइड से भी नमूने एकत्र किए गए हैं। इन दोनों फर्मों पर वैध FSSAI लाइसेंस की कमी और अपर्याप्त खरीद दस्तावेजों के आरोप हैं।
तुर्भे पुलिस स्टेशन में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 और भारतीय न्याय संहिता के तहत एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। इस मामले की आगे की जांच अभी भी जारी है और अधिकारियों द्वारा हर एक पहलू की गहराई से पड़ताल की जा रही है।