एमसीडी ने विश्व बैंक के साथ की कचरा प्रबंधन मॉडल की समीक्षा, भलस्वा लैंडफिल का हुआ निरीक्षण

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दिल्ली की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 29 अगस्त 2026 को विश्व बैंक के विशेषज्ञों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में बार्सिलोना, न्यूयार्क और टोक्यो के कचरा प्रबंधन मॉडलों पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता एमसीडी कमिश्नर संजीव खिड़वार ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एमसीडी की कार्यकुशलता को बढ़ाना और प्रदूषण को कम करना है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए प्रेस विज्ञप्ति देखें।
इसी कड़ी में, मेयर प्रवेश वाही ने भलस्वा लैंडफिल साइट का औचक निरीक्षण किया। इस साइट पर वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 15,000 मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण किया जा रहा है और करीब 4 से 5 लाख टन पुराना कचरा अभी भी मौजूद है। मेयर ने पुराने कचरे को तेजी से साफ करने और सितंबर के बाद ताजे कचरे के निपटान की गति को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
एमसीडी की नई रणनीति में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 को शामिल किया गया है जो पुराने नियमों की जगह लेंगे। इसके तहत गीले, सूखे, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाले कचरे को अलग-अलग करना अनिवार्य कर दिया गया है। डिप्टी मेयर मोनिका पंत और स्थायी समिति की चेयरपर्सन सत्या शर्मा ने इस प्रक्रिया में जनता के सहयोग की बात कही है।