दिल्ली के मोदी मिल फ्लाईववर के नीचे मिली 18वीं सदी की ऐतिहासिक सराय जुलियाना की संरचना

एमसीडी हेरिटेज सेल ने दिल्ली में मथुरा रोड पर मोदी मिल फ्लाईववर के नीचे 18वीं सदी की ऐतिहासिक संरचना 'सराय जुलियाना' के संभावित अवशेषों की पहचान की है। 28 अगस्त 2026 को इस खोज की आधिकारिक पुष्टि की गई और 30 अगस्त 2026 को एक रिपोर्ट जारी होने के बाद, अधिकारियों ने इस स्थल को संरक्षित हेरिटेज स्मारकों के रूप में घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
संरचना का इतिहास और पहचान
एमसीडी हेरिटेज सेल के सदस्य सचिव डॉ. अकील अहमद ने इन खंडहरों की पहचान की है, जो लोक निर्माण विभाग द्वारा रखे गए ग्रीन बेल्ट के बीच में स्थित हैं। ऐतिहासिक रिकॉर्ड के अनुसार, यह संरचना लगभग 1720 की है और इसे पुर्तगाली मूल की डोना जुलियाना डियास दा कोस्टा द्वारा बनवाया गया था, जो मुगल दरबार में शाही चिकित्सक थीं।
वास्तुकला और वर्तमान स्थिति
इस ऐतिहासिक स्थल पर पारंपरिक लखोरी ईंटें, विशिष्ट मेहराब और एक चालू कुआं मिला है जिसमें अभी भी पानी है। प्राचीन दीवारों और एक वाल्टेड गेटवे के अवशेष यह बताते हैं कि यह मथुरा रोड मार्ग पर यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण विश्राम स्थल था।
संरक्षण की दिशा में कदम
एमसीडी वर्तमान में इस संरचना को आधिकारिक हेरिटेज साइट के रूप में अधिसूचित करने की योजना बना रही है। इस सत्यापन प्रक्रिया में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और इतिहासकारों के साथ परामर्श शामिल है ताकि हेरिटेज का दर्जा और संरक्षण रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सके।