दिल्ली में फ्लाईओवर के नीचे मिला 300 साल पुराना मुगलकालीन सराय जुलाना

दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी की हेरिटेज सेल ने मथुरा रोड पर मोदी मिल फ्लाईओवर के नीचे 300 साल पुराने मुगलकालीन सराय जुलाना के अवशेषों की पहचान की है। यह ऐतिहासिक स्थल लंबे समय से पेड़ों और उपेक्षा के कारण छिपा हुआ था। इस जगह पर दो जर्जर कमरे, लखौरी ईंटों वाली मूल चिनाई, एक मेहराबदार रास्ता और एक बड़ा कुआं मिला है जिसमें आज भी पानी होने की बात कही जा रही है।
एमसीडी हेरिटेज सेल के विशेषज्ञों के अनुसार, यह संरचना लगभग 1720 के आसपास की है जब मुगल सम्राट मुहम्मद शाह रंगीला का शासन था। ऐतिहासिक दस्तावेजों और शोध के अनुसार, इस सराय को मुगल दरबार की एक प्रभावशाली पुर्तगाली महिला डोना जुलियाना डियास डा कोस्टा ने बनवाया था। यह जगह ग्रांड ट्रंक रोड के पूर्ववर्ती सड़क-ए-आजम पर यूरोपीय यात्रियों के विश्राम स्थल के रूप में बनाई गई थी।
एमसीडी हेरिटेज सेल के सदस्य सचिव डॉ. अकील अहमद ने बताया कि इस स्थल की पहचान ऐतिहासिक दस्तावेजों, 1807 और 1857 के पुराने नक्शों तथा कुएं की मौजूदगी से पुष्ट होती है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ओखला इलाके में आज भी सराय जुलेला नाम की स्थानीय जगह मौजूद है जो इस खोज की पुष्टि करती है।
नगर निगम अब इस ऐतिहासिक स्थल को आधिकारिक तौर पर हेरिटेज स्ट्रक्चर घोषित करने की योजना बना रहा है ताकि इसकी सुरक्षा और संरक्षण किया जा सके। फिलहाल यह जगह लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित हरित क्षेत्र का हिस्सा है और एमसीडी इसका जीर्णोद्धार करना चाहती है।