दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर जामा मस्जिद के पास एमसीडी ने चलाया बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान

दिल्ली नगर निगम ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को पुरानी दिल्ली में ऐतिहासिक जामा मस्जिद के आसपास एक बड़ा विध्वंस और अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। सुबह शुरू हुए इस अभियान में निगम की टीमों ने सार्वजनिक स्थानों से अवैध अस्थायी संरचनाओं को हटाने पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें विशेष रूप से स्मारक के उत्तरी और दक्षिणी किनारों पर स्थित तीन पार्कों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई स्थानीय हितधारकों के सहयोग से शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ी और वर्तमान में मलबा हटाने के चरण में है। इस दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में स्थानीय पुलिस बल तैनात किया गया था।
अदालत के निर्देश और जनहित याचिका
यह प्रवर्तन कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा जारी किए गए स्पष्ट निर्देशों के बाद की गई है। अदालत ने एमसीडी को एक व्यापक सर्वेक्षण करने और स्थल के आसपास अवैध निर्माणों को वैधानिक रूप से हटाने की शुरुआत करने का आदेश दिया था। यह न्यायिक आदेश जनवरी 2026 में स्थानीय निवासियों द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) के परिणामस्वरूप आया था, जिन्होंने अनधिकृत गतिविधियों को लेकर चिंता व्यक्त की थी। याचिका में एक अवैध पार्किंग सुविधा, एक ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन और एक बिना लाइसेंस वाले मेडिकेयर अस्पताल सहित विशिष्ट मुद्दों की पहचान की गई थी।
संरक्षित स्मारक की सुरक्षा
याचिका में इस बात पर जोर दिया गया कि जामा मस्जिद, प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत राष्ट्रीय महत्व का एक संरक्षित स्मारक है। इसे अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और अनधिकृत अतिक्रमणों के खिलाफ सख्त सुरक्षा की आवश्यकता है।