IMD का बड़ा अलर्ट: 1 सितंबर 2026 से देश भर में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर 2026 को सक्रिय हुए मानसून के कारण देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं के लिए व्यापक चेतावनी जारी की है। गंगा के मैदानी इलाकों, उत्तरी तटीय ओडिशा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र के कारण मौसम की यह स्थिति बनी है, जिसकी विस्तृत जानकारी DD News पर दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में 1 सितंबर 2026 को हल्की बारिश और आंधी की उम्मीद है, जिसमें अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 34 और 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है, जो 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। 3 से 7 सितंबर के बीच मध्यम से भारी बारिश का दौर अपेक्षित है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है। उत्तर प्रदेश में विभिन्न ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए गए हैं, जहाँ 6 सितंबर तक पूर्वी, मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की उम्मीद है। गाजियाबाद, मेरठ, गौतम बुद्ध नगर, मुरादाबाद, बाराबंकी, रायबरेली, फतेहपुर, चित्रकूट, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात और अयोध्या जैसे जिलों में बिजली चमकने और 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की तैयारी है।
बिहार और पर्वतीय राज्यों में स्थिति
बिहार में भी ऐसे ही हालात हैं, जहाँ गया, पटना, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया जैसे जिलों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच रही है, और सबसे गंभीर मौसम 1 तथा 2 सितंबर को केंद्रित रहेगा। पर्वतीय क्षेत्र भी प्रभावित हैं। उत्तराखंड में देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और हरिद्वार जिलों में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है; भूस्खलन और तीव्र वर्षा के खतरे के कारण देहरादून और पौड़ी में कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र 1 सितंबर को बंद हैं। हिमाचल प्रदेश शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, बिलासपुर, सोलन और लाहौल-स्पीति जैसे जिलों में 55 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की तैयारी कर रहा है।
अन्य राज्यों के लिए चेतावनी
देश भर में, 5 सितंबर तक ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भारी बारिश की उम्मीद है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, कोंकण और गोवा में भी 6 सितंबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। मछुआर तेज हवाओं और बिजली से फसलों और बुनियादी ढांचे को होने वाले संभावित जोखिमों पर नजर रखते हुए अधिकारियों ने तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।