IIT दिल्ली छात्र मौत मामला: बाहरी जांच समिति ने शुरू की आधिकारिक कार्रवाई, कमेटी में कौन-कौन शामिल

IIT दिल्ली के 31 वर्षीय एमएससी फिजिक्स के छात्र ऋषिकेश कुमार की 22 अगस्त 2026 को हुई मौत के मामले में बनाई गई बाहरी जांच समिति ने आधिकारिक तौर पर अपनी कार्यवाही शुरू कर दी है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने इस बात की पुष्टि की है। इस जांच कमेटी के अध्यक्ष दिल्ली उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता हैं। इसके अलावा कमेटी में AIIMS के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रताप शरण और छात्र प्रतिनिधि साकेत कुमार तथा विकास चौधरी शामिल हैं। इस कमेटी के सचिव और संयोजक की भूमिका IIT दिल्ली के रजिस्ट्रार अतुल व्यास निभा रहे हैं, जिन्हें अभिषेक कुमार और दुर्गेश यादव का प्रशासनिक समर्थन प्राप्त है।
जांच समिति के अलावा संस्थान ने शनिवार को यह घोषणा भी की कि मौजूदा आंतरिक तंत्र के दायरे में न आने वाली छात्र शिकायतों के समाधान के लिए अगले हफ्ते एक बाहरी लोकपाल (External Ombudsperson) की नियुक्ति की जाएगी। IIT दिल्ली का कहना है कि छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं। परिसर में इस समय 15 ऑन-कम्पस काउंसलर और एम्स (AIIMS) तथा विमहंस (VIMHANS) के मनोचिकित्सकों की एक टीम के जरिए सहायता प्रदान की जा रही है। तनाव को कम करने के लिए प्रशासन ने साल 2025 में ही अकादमिक सुधार लागू किए थे, जिसमें पहले सेमेस्टर के क्रेडिट लोड को कम करना भी शामिल था।
मृतक छात्र के परिवार के लिए संस्थान के परोपकारी कोष (benevolent fund) के माध्यम से वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही परिसर के लोगों से स्वैच्छिक योगदान के लिए एक नया फंड भी बनाया गया है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। छात्र की मौत के कारणों की चल रही जांच के तहत अधिकारियों ने फोरेंसिक जांच के लिए उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और वर्तमान में उसके अकादमिक तथा काउंसलिंग रिकॉर्ड की भी समीक्षा की जा रही है। इस बारे में अधिक जानकारी ANI News पर उपलब्ध है।