गुरुग्राम के सदर बाजार में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान, बांटे गए जूट और कपड़े के बैग

Kittu Kumari18 September 20262 min read6 viewsNCR
गुरुग्राम के सदर बाजार में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान, बांटे गए जूट और कपड़े के बैग

गुरुग्राम में पर्यावरण को बचाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से नगर निगम गुरुग्राम एवं स्वास्तिक फाउंडेशन के साथ मिलकर सदर बाजार में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने के लिए शुक्रवार को विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान बाजार में व्यापारियों और ग्राहकों को कपड़े और जूट के बैग इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया और नि:शुल्क जूट के बैग भी वितरित किए गए।

अधिकारियों और पार्षदों की मौजूदगी में हुआ अभियान

यह अभियान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कामेश, जेई राघवेंद्र, नगर निगम गुरुग्राम वार्ड-27 के पार्षद आशीष गुप्ता और स्वास्तिक फाउंडेशन के अध्यक्ष राज सैनी बिसरवाल के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान के दौरान टीम ने दुकान-दुकान जाकर व्यापारियों से अपील की कि वे ग्राहकों को प्लास्टिक की थैलियों में सामान न दें। साथ ही ग्राहकों को भी समझाया गया कि वे बाजार आते समय घर से कपड़े का थैला लेकर आएं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक न केवल पर्यावरण के लिए घातक है, बल्कि यह सीवरेज सिस्टम को जाम कर जलभराव का कारण भी बनता है।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा है प्लास्टिक

एसडीओ कामेश ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक आज पर्यावरण का सबसे बड़ा दुश्मन बन चुका है। यह 400 साल तक नष्ट नहीं होता। वार्ड-27 के पार्षद आशीष गुप्ता ने कहा कि सदर बाजार गुरुग्राम का दिल है और यहां रोज हजारों लोग आते हैं। अगर हम यहीं से प्लास्टिक मुक्ति की शुरुआत करेंगे तो पूरे शहर में संदेश जाएगा। नगर निगम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा है, लेकिन जब तक व्यापारी भाई और ग्राहक सहयोग नहीं करेंगे, तब तक गुरुग्राम स्वच्छ नहीं हो सकता।

नि:शुल्क बांटे गए जूट के बैग

स्वास्तिक फाउंडेशन के अध्यक्ष राज सैनी बिसरवाल ने कहा कि हमने आज सदर बाजार में सैकड़ों जूट के बैग नि:शुल्क बांटे हैं। यह सिर्फ एक बैग नहीं, बल्कि पर्यावरण बचाने का संकल्प है। जूट पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल है और इसके इस्तेमाल से पर्यावरण भी बचेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा। स्वास्तिक फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहा है।

Share:

Comments

Leave a comment