गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जहां तेज रफ्तार कार ने श्रीराम चौक के पास डिवाइडर पर काम कर रहे चार मजदूरों को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में मौके पर ही दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर और कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी बिजेंद्र और पप्पू के रूप में हुई है, जबकि घायलों में सतीश चंद और राम कुमार शामिल हैं। कार चालक की पहचान गुरुग्राम के सेक्टर-110 निवासी 20 वर्षीय वेदान्त खन्ना के रूप में हुई है, जो दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है।
श्रीराम चौक के पास एक्सप्रेसवे के डिवाइडर को सुरक्षित करने के लिए लोहे की ग्रील लगाने का काम चल रहा था और ये चारों युवक इसी काम में जुटे हुए थे।
ग्रील लगाने के बाद बिजेंद्र और पप्पू उसके पेच कस रहे थे, जबकि सतीश और राम कुमार ग्रील को पकड़कर खड़े थे। इसी दौरान दिल्ली की ओर से आई एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी। कार को अपनी ओर आता देखकर सतीश और राम कुमार ने जान बचाने के लिए ग्रीन बेल्ट की तरफ छलांग लगा दी, लेकिन कार इतनी तेज थी कि वह ग्रीन बेल्ट में जा घुसी और दोनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके बाद कार रेलिंग से टकराकर रुक गई।
हादसे की सूचना मिलते ही बजघेड़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है और उनके स्वजन को सूचना दे दी गई है। आसपास के लोगों के अनुसार काम वाली जगह पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड नहीं लगाए गए थे, जिससे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में यह हादसा तेज रफ्तार के कारण होना सामने आया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।