नोएडा में ग्रीन एसएम लिमो के चालकों को चार्जिंग की भारी समस्या, गाड़ियों में सोने को मजबूर

ग्रीन एसएम लिमो के इलेक्ट्रिक टैक्सी चालकों को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वियतनाम की कंपनी विंगroup समर्थित इस सेवा को शुरू हुए अभी केवल ढाई महीने ही हुए हैं। चालकों का कहना है कि पर्याप्त चार्जिंग सुविधा न होने और बार-बार बिजली कटने के कारण उनका काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
नोएडा के सेक्टर 132 स्थित अर्बटेक ट्रेड सेंटर चार्जिंग केंद्र पर हाल ही में लगभग 20 चालक फंस गए थे। वहां एक सुपरवाइज़र ने बिजली गुल होने की बात कहकर गाड़ियां हटाने को कहा। चार्जिंग की इस भयंकर कमी के कारण कई चालकों को चार्जिंग पॉइंट पाने के लिए रातभर अपनी कारों में ही सोना पड़ रहा है।
इस व्यवस्था के कारण चालकों की कमाई पर भी बहुत बुरा असर पड़ा है। 7,500 रुपये का साप्ताहिक भुगतान पाने के लिए चालकों को 35 ट्रिप या 580 किलोमीटर का लक्ष्य पूरा करना होता है। बैटरी बचाने के लिए चालकों को अपनी गाड़ियां बार-बार बंद रखनी पड़ रही हैं और घंटों इंतज़ार करना पड़ रहा है।
इन सभी समस्याओं को देखते हुए ग्रीन एसएम ने आने वाले दो से तीन महीनों में अपने चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करने की बात कही है। इस स्थिति से भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बुनियादी ढांचे की कमियां सामने आती हैं। सुप्रीम कोर्ट भी हाउसिंग सोसाइटियों में ईवी चार्जिंग के दिशानिर्देशों के मामलों पर नजर बनाए हुए है।