फोर्टिस हेल्थकेयर का बड़ा बयान: दिल्ली हाईकोर्ट के फॉरेन्सिक ऑडिट आदेश से कंपनी पर नहीं बढ़ा कोई आर्थिक बोझ

फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड ने सोमवार को घोषणा की है कि दिल्ली हाईकोर्ट के हालिया आदेश से कंपनी पर कोई सीधा मौद्रिक दायित्व नहीं आया है। यह आदेश 5,300 करोड़ रुपये के दाइची सांक्यो मध्यस्थता पुरस्कार मामले से जुड़ा हुआ है।
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को छह महीने के फॉरेन्सिक ऑडिट का यह आदेश दिया है। इस संबंध में अधिक जानकारी ANI News पर उपलब्ध है।
जांच का दायरा और लेन-देन की कड़ियों को फिर से जोड़ने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स फर्म एस रामानंद अय्यर एंड कंपनी को नियुक्त किया गया है। यह जांच पूर्व प्रमोटरों मलविंदर मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह द्वारा रखे गए परिसंपत्तियों के कथित वितरण की होगी।