दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026: कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शनों का क्या पड़ेगा असर?

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) के साल 2026 के चुनाव 18 सितंबर 2026 को तय किए गए हैं। वोटों की गिनती और नतीजे 19 सितंबर 2026 को घोषित किए जाएंगे। नामांकन की आखिरी तारीख 10 सितंबर 2026 पास आ रही है। इस बार विश्लेषक यह देख रहे हैं कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) का पुराना दबदबा कितना हिलता है। इस आंदोलन ने परीक्षा सुधार, पेपर लीक, बेरोजगारी और दाखिले जैसे मुद्दों पर प्रचार किया था।
विरोध प्रदर्शन और छात्रों के संगठन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जून और जुलाई 2026 में बड़े प्रदर्शन किए थे, जो 25 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर खत्म हुए थे। इस आंदोलन के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ और सरकार ने कई मांगें मानीं। इस प्रदर्शन में AISA, SFI, KYS, DISHA और आम आदमी पार्टी का छात्र विंग भी शामिल थे। एसएफआई (SFI) ने 24 अगस्त 2026 को एक 84 सदस्यीय चुनाव समिति बनाई है जो जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़ी है।
कड़े नियम और नए चुनाव प्रचार के तरीके
दिल्ली विश्वविद्यालय ने साल 2026 के चुनाव प्रचार के लिए कड़े नियम बनाए हैं। इन नियमों के तहत छपे हुए पोस्टरों पर रोक, गाड़ियों के इस्तेमाल पर पाबंदी और सेलिब्रिटी रोडशो प्रतिबंधित हैं। हर उम्मीदवार सिर्फ 5,000 रुपये तक ही खर्च कर सकता है। इन नियमों के कारण उम्मीदवारों ने अनोखे तरीके अपनाए हैं, जैसे 29 अगस्त 2026 तक देखे गए गोरिल्ला या पांडा के कॉस्ट्यूम पहनना। अब प्रचार डिजिटल और बिना कागज के तरीकों से हो रहा है।
विभिन्न दलों के चुनावी मुद्दे
एनएसयूआई (NSUI) ने साफ किया है कि उसका चुनाव प्रचार कैंपस की बुनियादी सुविधाओं, स्टाफ की भर्ती, चार साल के ग्रेजुएट प्रोग्राम और CJP के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर रहेगा। यह चुनाव तय करेगा कि गर्मियों में हुआ मुद्दों पर आधारित आंदोलन पुराने छात्र संगठनों के प्रभाव को हरा पाता है या नहीं।