चलती बस में नाबालिग से गैंगरेप मामले में ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ्तार, पुलिस ने की सख्त कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 17 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के साथ चलती स्लीपर बस में कथित तौर पर गैंगरेप का मामला सामने आया है। यह घटना 4 अगस्त 2026 की रात की है। पीड़िता पढ़ाई को लेकर हुए विवाद के बाद घर छोड़कर नोएडा सेक्टर 63 अपने चचेरे भाई से मिलने जा रही थी। यह वारदात परी चौक और नोएडा सेक्टर 63 के बीच हुई। आरोपियों की पहचान बस के ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप के रूप में हुई है, जिन्होंने विरोध करने पर लड़की को जान से मारने की धमकी दी। हमले के बाद आरोपियों ने पीड़िता को कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया। उत्तर जिला की पुलिस उपायुक्त (DCP) निहारिका भट्ट के आधिकारिक बयान के अनुसार, पीड़िता 4 अगस्त की रात को कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन पहुंची, जहां अधिकारियों ने तुरंत मेडिकल मु मुआयना कराया और नए आपराधिक कानूनों के तहत मामला दर्ज किया (Source: ANI)। दिल्ली पुलिस की टीमों ने कोटवाली एसीपी शंकर बनर्जी के नेतृत्व में सीसीटीवी फुटेज का इस्तेमाल करके खाली स्लीपर बस का पता लगाया। यह बस सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा में मरम्मत के बाद तिमारपुर में एक पार्किंग क्षेत्र में वापस लौट रही थी। शिकायत मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया। फॉरेंसिक टीमों ने वाहन को जब्त कर लिया है और मौके से बाल बरामद किए हैं। मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि हो चुकी है। संदिग्धों की पोटेंसी टेस्ट भी कराए जा चुके हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस घटना का औपचारिक संज्ञान लिया है और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करके पीड़िता के पुनर्वास, सामाजिक जांच और स्लीपर बस डिजाइन के संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (CIRT) के दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। जांच अधिकारियों द्वारा चार्जशीट को अंतिम रूप दिए जाने के बाद पीड़िता को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया और उसके पिता की हिरासत में सौंप दिया गया।