दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने अपने सर्विलांस नेटवर्क को अपग्रेड करने का बड़ा ऐलान किया है। इसके तहत 76 स्थानों पर पुराने एनालॉग सीसीटीवी कैमरों को हटाकर आधुनिक एआई-आधारित आईपी कैमरे लगाए जाएंगे। इस योजना के जरिए
2,531 कैमरों को अपग्रेड किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पहल का मुख्य उद्देश्य रियल-टाइम मॉनिटरिंग और घटनाओं का पता लगाकर सुरक्षा को मजबूत करना है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए
PTI News की रिपोर्ट देखी जा सकती है।
यह नई एआई-सक्षम प्रणाली अनाधिकृत ट्रैक पर जाने, भीड़भाड़, लंबी कतारें बनने, संदिग्ध व्यवहार और कैमरा से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं के लिए तुरंत अलर्ट देने के लिए बनाई गई है। इस तकनीक से
मेट्रो ट्रैक पर लोगों के जाने का पता लगाने में 90 प्रतिशत से अधिक सटीकता मिलने की उम्मीद है। साधारण निगरानी के अलावा, इस सिस्टम में फोरेंसिक सर्च की सुविधा भी होगी, जिससे ऑपरेटर लिंग, कपड़ों के रंग, उम्र या अपलोड की गई तस्वीरों के आधार पर व्यक्तियों को ट्रैक कर सकेंगे, भले ही वे नेटवर्क में चलते समय कपड़े बदल लें।
यह अपग्रेड प्रोजेक्ट एक साल के भीतर पूरा होने का अनुमान है और इसमें पांच साल की डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि शामिल है। नए हार्डवेयर को मौजूदा सेंट्रल सीसीटीवी नेटवर्क में जोड़ा जाएगा, और इसके खास फीड मेट्रो भवन, विनोद नगर डिपो और शास्त्री पार्क के आईटी पार्क में वीडियो वॉल के जरिए मैनेज किए जाएंगे। इसके अलावा, सिस्टम में रिकॉर्डिंग सर्वर, डिकोडर और सेंट्रल सर्वर की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक डैशबोर्ड भी होगा। यह प्रोजेक्ट 8 अगस्त 2026 को ओवरहेड तारों, ट्रेन के पहियों, एक्सल बेयरिंग और ट्रैक सर्किट जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की निगरानी के लिए लागू किए गए एआई-आधारित सिस्टम के बाद आया है। इस काम को पूरा करने के लिए
ऑरियनप्रो (Aurionpro) जैसी कंपनियों के साथ सहयोग किया जा रहा है, जिससे यह अपग्रेड 'मेक इन इंडिया' पहल के अनुरूप हो सके।