दिल्ली जल बोर्ड एसटीपी घोटाला: राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व सीईओ उद्यत प्रकाश राय और नागेंद्र यादव को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार, 29 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के पूर्व सीईओ उद्यत प्रकाश राय और नागेंद्र यादव को दो दिन की पुलिस कस्टडी में सौंप दिया है। यह कार्रवाई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर घोटाले के सिलसिले में की गई है। विशेष जज (एमपी-एमएलए) दिग विनय सिंह ने निष्पक्ष जांच और एक बड़ी आपराधिक साजिश का पर्दाफाश करने के लिए यह कस्टडी मंजूर की है। इस मामले की अधिक जानकारी के लिए ANI की रिपोर्ट देख सकते हैं।
एफआईआर और टेंडर घोटाले के आरोप
यह कानूनी कार्रवाई 10 मई 2024 को दर्ज की गई एफआईआर के बाद शुरू हुई है, जो सतर्कता निदेशालय (GNCTD) के सतर्कता संदर्भ से जुड़ी है। इस मामले में आरोप है कि लगभग 1,943 करोड़ रुपये मूल्य के 10 एसटीपी के विस्तार और उन्नयन के लिए टेंडर की शर्तों में हेरफेर किया गया था। टेंडर शर्तों को यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में मोड़ा गया था। इस बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
एसीबी की जांच और अन्य आरोपियों की भूमिका
एसीबी का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बढ़ी हुई लागत का अनुमान लगाया गया, पर्यावरण मानकों को कमजोर किया गया और आरोपियों के बीच व्हाट्सएप चैट के जरिए मिलीभगत के सबूत मिले हैं। शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को इसी अदालत ने सृजनहर एंटरप्राइजेज के मालिक पंकज वर्मा के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी किया था, जो पहले से ही 3 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में हैं। इस बारे में और जानने के लिए मूल खबर यहाँ पढ़ें। जांच एजेंसी अब पूर्व दिल्ली मंत्री सत्येंद्र जैन, पूर्व सलाहकार अंकित श्रीवास्तव और यूरोटेक के मालिक राजा कुमार कुर्रा सहित कई प्रमुख लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।