दिल्ली सरकार ने ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइटों को साफ करने में बड़ी सफलता हासिल की है। अधिकारियों ने अब तक लगभग 2.16 करोड़ मीट्रिक टन पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया है जिससे 100 एकड़ जमीन को पूरी तरह से खाली करा लिया गया है। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य इन कचरा घरों के आसपास रहने वाले लोगों को एक स्वच्छ और बेहतर वातावरण प्रदान करना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को जारी अपने एक बयान में यह स्पष्ट किया कि सरकार ने इस पुरानी समस्या के समाधान के लिए एक वैज्ञानिक रोडमैप और समयबद्ध कार्ययोजना का पूरी तरह से पालन किया है। सरकार ने यह भी बताया है कि भविष्य में कचरे को और अधिक जमा होने से रोकने के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
विभिन्न साइटों पर काम की प्रगति के आंकड़े सामने आए हैं जिसके अनुसार
ओखला साइट पर 70 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण करके 35 एकड़ जमीन खाली कराई गई है। भलस्वा में कुल 10.2 करोड़ मीट्रिक टन कचरा साफ करके 45 एकड़ जमीन वापस ली गई है। इसके अलावा गाजीपुर में 44 लाख मीट्रिक टन कचरे को प्रोसेस करके 20 एकड़ जमीन को पूरी तरह से मुक्त कराया गया है। सरकार की तरफ से यह जानकारी दी गई है कि इन सभी प्रयासों की वजह से स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर और पर्यावरण की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है।
गाजीपुर साइट के संबंध में मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी है कि
कचरा प्रसंस्करण के दौरान निकलने वाले बचे हुए पदार्थों का उपयोग निचले इलाकों को भरने और सड़क निर्माण में किया जा रहा है। कचरे के इस स्थाई प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने चार नए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने की पूरी तैयारी कर ली है। ये सभी नए संयंत्र हर दिन पैदा होने वाले कचरे को उसी गति से संसाधित करेंगे ताकि भविष्य में फिर से कचरे के बड़े पहाड़ न बन सकें। प्रशासन का पूरा ध्यान सभी प्रकार के कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर है ताकि दिल्ली को एक स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाया जा सके।