दिल्ली मतदाता सूची से 47.5 लाख नाम हटाए गए, चुनाव आयोग का बड़ा कदम

Kittu Kumari1 September 20262 min read225 viewsDelhi Local
दिल्ली मतदाता सूची से 47.5 लाख नाम हटाए गए, चुनाव आयोग का बड़ा कदम

दिल्ली में भारतीय चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद 31 अगस्त 2026 को नई मतदाता सूची जारी की गई है। इस प्रक्रिया में पुरानी मतदाता सूची के लगभग 33 प्रतिशत यानी 4.758 मिलियन (47.5 लाख) नाम हटा दिए गए हैं। कुल 14.5 मिलियन पंजीकृत मतदाताओं में से अब सूची में केवल 9.753 मिलियन नाम ही बचे हैं। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से सटीक बनाना था। अधिकारियों के अनुसार हटائے गए नामों में से 91 प्रतिशत मतदाता अपने पते पर नहीं मिले, जबकि शेष 9 प्रतिशत मौत या दोहरी प्रविष्टि के कारण हटाए गए। यह प्रशासनिक कार्य बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन करके किया गया, जो चुनाव आयोग के आदेश और मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हुआ जैसा कि न्यूज़ ऑन एयर की रिपोर्ट में बताया गया है। भौगोलिक रूप से दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जिले में सबसे अधिक 679,000 नाम काटे गए हैं। विधानसभा स्तर पर बुरारी में सबसे अधिक 167,000 नाम हटाए गए, जबकि तुगलकाबाद में सबसे ज्यादा 47.85 प्रतिशत नाम काटे गए। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में ओखला (45.33 प्रतिशत), कस्तूरबा नगर (44.03 प्रतिशत) और बदरपुर (42.67 प्रतिशत) शामिल हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने का समय तय किया है। जिन नागरिकों के नाम सूची से बाहर हो गए हैं, वे पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 या सुधार के लिए फॉर्म-8 जमा कर सकते हैं। यह काम सीईओ दिल्ली की वेबसाइट, चुनाव आयोग के पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए किया जा सकता है। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी जिसकी जानकारी यहाँ दी गई है। आम आदमी पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया का विरोध किया है और आगामी चुनावों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई है।

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