दिल्ली मतदाता सूची से 47 लाख से अधिक नाम बाहर होने की आशंका, 31 अगस्त से शुरू होगी प्रक्रिया

दिल्ली में आगामी मतदाता सूची को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। दिल्ली की विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से लगभग 4.76 लाख पंजीकृत मतदाताओं के बाहर रहने की उम्मीद है। यह सूची 31 अगस्त 2026, सोमवार को प्रकाशित होने वाली है। यह आंकड़ा शहर के कुल 14.5 लाख मतदाताओं का लगभग एक तिहाई हिस्सा है। इन बाहर किए गए लोगों को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहराए गए और अन्य की श्रेणी में रखा गया है, जो अक्सर अपने पंजीकृत पतों पर न मिलने, स्थान बदलने या सत्यापन प्रक्रिया के दौरान आवश्यक फॉर्म जमा करने में विफल रहने के कारण है। इस बारे में अधिक जानकारी भारत निर्वाचन आयोग पोर्टल पर उपलब्ध है।
सूची के प्रकाशन के साथ ही 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक दावों और आपत्तियों की अवधि शुरू हो जाएगी। इस अवधि के दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम गायब हैं, उन्हें सूची में शामिल होने के लिए फॉर्म 6 भरने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ जमा किए गए दावों का सत्यापन करने के लिए घर-घर जाएंगे। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय का कहना है कि किसी भी मतदाता का नाम केवल ऐतिहासिक डेटा विसंगतियों के आधार पर स्वचालित रूप से नहीं हटाया जाएगा। इस संबंध में सेवाएं निर्वाचन आयोग सेवा पोर्टल के माध्यम से ली जा सकती हैं।
यह संशोधन अभियान 30 जून 2026 को शुरू हुआ था। 17 अगस्त की समय सीमा तक 9.75 लाख गणना फॉर्मों का सत्यापन और डिजिटलीकरण किया गया, जिसमें कुल मतदाताओं का 67.2 प्रतिशत हिस्सा शामिल है। मतदाता अपडेट और सुधार के लिए भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। अंतिम विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को आधिकारिक रूप से प्रकाशित की जाएगी।