दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र के हमले के बाद शिक्षकों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र प्रचार के दौरान एक शिक्षक पर हुए कथित हमले के बाद शिक्षकों में भारी गुस्सा है और उन्होंने चुनाव ड्यूटी के बहिष्कार की धमकी दी है। दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) चुनाव के प्रचार के आखिरी दिन हुई इस घटना के बाद शिक्षक संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। यूनिवर्सिटी के कई परिसरों में झड़पें और विवाद की खबरें सामने आई हैं। मोतीलाल नेहरू कॉलेज में प्रचार के दौरान हुई हिंसा में कई शिक्षकों को चोटें आईं, जिससे कैंपस की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस घटना के बीच राजधानी में छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। सत्या निकetan में 6 सितंबर 2026 को हुए इमारत ढहने के हादसे में सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली पुलिस ने छात्रों के लिए एक नया 'What worries you?' आउटरीच प्रोग्राम शुरू किया है। करोल बाग और अन्य पीजी तथा कोचिंग इलाकों में पुलिस अधिकारी छात्रों से सीधे बात कर रहे हैं। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों के तहत पुलिस खुले तारों और जलभराव जैसी सुरक्षा समस्याओं का समाधान कर रही है।
बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच दिल्ली सरकार नए नियम बना रही है, जिसमें पीजी का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन, किराया सीमा तय करना और 30 दिन के फुटेज वाले सीसीटीवी कैमरे लगाना शामिल है। प्रस्तावित नीतियों में विवादों को सुलझाने के लिए एक संस्थागत आवास समिति और किराया विनियमन समिति बनाना भी शामिल है। अधिकारी 20 सितंबर 2026 तक कार्रवाई रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं और 25 सितंबर 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई का इंतजार है, जिससे कैंपस की राजनीति और आवासीय सुरक्षा का मुद्दा बेहद अहम बन गया है।