दिल्ली में एच1एन1 स्वाइन फ्लू के मामलों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है और 29 अगस्त तक कुल मामलों की संख्या 35,65 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इनमें से 3,006 मामले दिल्ली के रहने वालों के हैं जबकि 559 मामले राजधानी के बाहर के हैं। केवल 29 अगस्त को शहर में 199 नए मामले सामने आए। इन्फ्लूएंजा ए और बी को मिलाने पर दिल्ली में कुल मामलों की संख्या 4,107 हो गई है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की रिपोर्ट यहाँ देख सकते हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक आधिकारिक तौर पर एच1एन1 से कोई मौत नहीं हुई है लेकिन गैर-सरकारी रिपोर्टों में दो मौतों का दावा किया गया है। 30 अगस्त 2026 को पीएसआरआई अस्पताल में 32 वर्षीय अरुण मलिक की एच1एन1 के कारण मौत हो गई। इसके अलावा द्वारका के एक निजी अस्पताल में 70 वर्षीय व्यक्ति की मौत की खबर है जिसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है और सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त आइसोलेशन बेड, दवाइयां और जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
नए निर्देशों के अनुसार सरकारी अस्पतालों में कम से कम पांच और बड़े अस्पतालों में दस या उससे अधिक आइसोलेशन बेड होने चाहिए। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने कहा है कि मामलों में यह वृद्धि मौसमी इन्फ्लूएंजा के कारण है और वायरस में कोई खतरनाक बदलाव नहीं देखा गया है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि तेज बुखार, ठंड लगने या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने, हाथ धोने और खुद से दवा न लेने की सलाह दी है।