दिल्ली में 5 सितंबर के प्रदर्शन और ब्रिक्स समिट से पहले सुरक्षा सख्त

नई दिल्ली में 5 सितंबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित मार्च और आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी कर दी गई है। यह समूह छात्र परिवारों के लिए मुआवजा, छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने और रैपिड एक्शन फोर्स व दिल्ली पुलिस से माफी की मांग को लेकर इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालना चाहता है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है और इंडिया गेट कोई निर्धारित विरोध स्थल नहीं है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने CJP के आंदोलन को समर्थन दिया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि मार्च गैर-कानूनी है और जिले भर में अतिरिक्त बल व बैरिकेड्स लगाए गए हैं।
सुरक्षा के इन कड़े इंतजामों का एक बड़ा कारण 12 से 13 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली में होने वाला 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भी है जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है। इन तैयारियों के तहत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मोटरक्रेड रिहर्सल शुरू कर दी है, जिससे कई जगहों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। इसके अलावा, नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत जंतर-मंतर जैसी निर्धारित जगहों को छोड़कर जुलूस निकालने और पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह रोक है।
31 अगस्त 2026 को भारत के सुप्रीम कोर्ट ने शिवम उपाध्याय और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी राजेंद्र सिंह द्वारा मार्च पर रोक लगाने के लिए दाखिल की गई याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा कि यह मानने के लिए कोई मजबूत कारण नहीं है कि प्रदर्शन हिंसक हो जाएगा और कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी पुलिस पर छोड़ते हुए मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर के लिए तय कर दी। इसके बावजूद पुलिस ने सुरक्षा को और मजबूत कर दिया है।