दिल्ली के कचरा घरों से साफ हुई 85-95 एकड़ जमीन, कचरा प्रबंधन के लिए नए प्लांट का हुआ ऐलान

Kittu Kumari29 August 20261 min read199 viewsDelhi Local
दिल्ली के कचरा घरों से साफ हुई 85-95 एकड़ जमीन, कचरा प्रबंधन के लिए नए प्लांट का हुआ ऐलान

दिल्ली के ओखला, भलस्वा और गाजीपुर कचरा घरों यानी लैंडफिल साइटों से वैज्ञानिक तरीके से 85 से 95 एकड़ जमीन को खाली करा लिया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 29 अगस्त 2026 को यह जानकारी सामने आई है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर को साफ-सुथरा बनाना और आसपास के लोगों का जीवन बेहतर करना है। रेखा गुप्ता ने इसे शहरी बदलाव का वैज्ञानिक रास्ता बताया है। 15 जुलाई 2026 तक नगर निगम ने भलस्वा में 45 एकड़, ओखला में 30 एकड़ और गाजीपुर में 20 एकड़ जमीन को साफ करने का रिकॉर्ड दर्ज किया था।

कचरा निपटान और नए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट

दिल्ली में रोजाना लगभग 11,300 मीट्रिक टन कचरा पैदा होता है, जिसके समाधान के लिए इस जमीन की सफाई को जोड़ा जा रहा है। मौजूदा प्लांट हर दिन केवल 7,300 मीट्रिक टन कचरा ही संभाल पाते हैं, इसलिए सरकार ने चार नए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट बनाने की योजना की घोषणा की है। ओखला, भलस्वा, सिंघुला, नरेला-बवाना और गाजीपुर में पांच नए कचरा प्रोसेसिंग प्लांट बनाए जा रहे हैं जिन्हें 2 अक्टूबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

बायोमाइनिंग और भविष्य की योजनाएं

कचरा साफ करने के लिए बायोमाइनिंग का मुख्य रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान रोजाना औसतन 20,000 टन की रफ्तार से 74 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा पुराने कचरे का निपटान किया गया है। मेयर प्रवेश वाही ने पुष्टि की है कि ओखला और भलस्वा लैंडफिल दिसंबर 2026 तक पूरी तरह साफ हो जाएंगे, जबकि गाजीपुर साइट को दिसंबर 2027 तक साफ करने का लक्ष्य है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 के तहत दिसंबर 2027 तक नरेला-बवाना में 3000 टीपीडी और दिसंबर 2028 तक गाजीपुर में 2000 टीपीडी क्षमता का प्लांट लगाने की योजना है।

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