दिल्ली पुलिस ने बम धमकियों और साइबर अपराध से निपटने के लिए बनाए विशेष यूनिट

दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 31 अगस्त 2026 को जारी सरकारी अधिसूचना के अनुसार दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक रूप से दिल्ली साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (D4C) की स्थापना की है। इसके तहत दो विशेष यूनिट बनाई गई हैं जो फर्जी बम धमकियों और महिलाओं तथा बच्चों के खिलाफ होने वाले ऑनलाइन अपराधों से निपटेंगी।
फर्जी बम ईमेल जांच सेल का गठन
नवगठित फर्जी बम ईमेल जांच सेल को फर्जी या अज्ञात ईमेल, वीपीएन के इस्तेमाल और अन्य तकनीकों से जुड़े मामलों की विशेष जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह सेल तकनीकी पहचान, डिजिटल साक्ष्य जुटाने और टेलीकॉम कंपनियों व इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के साथ तालमेल बनाने का काम करेगी। यह कदम अगस्त 2026 में दिल्ली के विभिन्न स्कूलों, दिल्ली उच्च न्यायालय, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और कई सरकारी कार्यालयों को मिले बम धमकियों के बाद उठाया गया है, जो बाद में फर्जी साबित हुई थीं। इस संबंध में अधिक जानकारी UNI India पर उपलब्ध है।
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराध विंग
इसके साथ ही D4C के तहत महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराध (OCWC) विंग का भी उद्घाटन किया गया है। यह यूनिट तकनीक के जरिए होने वाले अपराधों को रोकने, उनका पता लगाने और उन्हें कम करने पर ध्यान देगी। इसका मुख्य काम शिकायतों की निगरानी करना, ऑनलाइन यौन शोषण के नेटवर्क की पहचान करना और बार-बार अपराध करने वालों पर नजर रखना है। यह विंग भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), महिला और बाल विशेष पुलिस यूनिट (SPUWAC) और स्थानीय जिला साइबर पुलिस स्टेशनों के साथ मिलकर काम करेगी। इस नई पहल की पूरी जानकारी ANI News पर देखी जा सकती है।