दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पूर्व जिले ने 38 वर्षीय गुल हसन की हत्या के मामले में 64 वर्षीय तलुकदार अंसारी और उसके 49 वर्षीय साथी मोहम्मद वसीम उर्फ अकरम को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 29 अगस्त 2026 को की गई, जब पुलिस ने शव मिलने के बाद मामले की पूरी जांच की। 23 अगस्त 2026 को कालंदी कुंज के पास एक लावारिस कंटेनर से गुल हसन का शव बरामद किया गया था, जो सिजोफ्रेनिया से पीड़ित थे।
जांच में सामने आया कि
मृतक को उसके पिता अंसारी और मोहम्मद वसीम इलाज के बहाने घर से ले गए थे। कालंदी कुंज के पास सुनसान इलाके में ले जाकर
गुल हसन पर जानलेवा हमला किया गया। पुलिस के अनुसार,
मृतक के सिर पर खून से सने कंक्रीट के पत्थर से गंभीर वार किया गया और फिर कपड़े के फंदे से उसका गला घोंट दिया गया।
शुरुआत में इसे 'ब्लाइंड मर्डर' माना जा रहा था, लेकिन
सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर इस मामले को सुलझा लिया गया। यह पूरी कार्रवाई दक्षिण-पूर्व जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) की देखरेख में और सरिता विहार के एसीपी अनिल कुमार शर्मा के नेतृत्व में की गई।
कालंदी कुंज पुलिस स्टेशन, स्पेशल स्टाफ, नारकोटिक्स डिवीजन और एटीएस की टीमों ने इस ऑपरेशन में हिस्सा लिया और आरोपियों की निशानदेही पर अपराध से जुड़े कई सामान बरामद किए।