दिल्ली पुलिस ने बदायूं के दम्पती को आईएसआई जासूसी नेटवर्क चलाने के आरोप में किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के एक दम्पती को पाकिस्तान खुफिया एजेंटों के लिए जासूसी नेटवर्क चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी दिल्ली-एनसीआर के सराय काले खां इलाके से 28-29 अगस्त 2026 को की गई। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय मोहम्मद साहिल और उसकी 21 वर्षीय पत्नी समीरा के रूप में हुई है। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह दम्पती 2024 से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था। समीरा ने सबसे पहले इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी एजेंट से संपर्क किया था और शादी के बाद अपने पति को भी इस नेटवर्क से जोड़ लिया। 2024 से 2025 के बीच, इस दम्पती ने दुबई को ट्रांजिट रूट बनाकर पाकिस्तान में आठ भारतीय सिम कार्ड भेजने का काम किया। इन गतिविधियों के बदले उन्हें कुल लगभग 30,000 रुपये का भुगतान मिला। पुलिस के अनुसार, इन भारतीय सिम कार्डों का इस्तेमाल पाकिस्तान में व्हाट्सएप अकाउंट सक्रिय करने के लिए किया जाता था, जिससे एजेंटों को भारतीय संचार समूहों में सेंध लगाने और संवेदनशील खुफिया जानकारी जुटाने में मदद मिलती थी। अधिकारियों को इस तौर-तरीके पर खासी चिंता है, क्योंकि स्थानीय भारतीय नंबरों के इस्तेमाल से ऑपरेटरों की असली पहचान और ठिकाना छुप जाता है। सिम कार्ड के काम के अलावा, इस दम्पती पर भारतीय सैन्य ठिकानों की रेकी करने और देश की सीमा पार गोपनीय डेटा भेजने का भी आरोप है। गिरफ्तारी के समय, मोहम्मद साहिल दिल्ली में एक लीगल असिस्टेंट के रूप में काम कर रहा था, जबकि समीरा नोएडा के एक कॉल सेंटर में नौकरी करती थी। उनके जब्त मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ आपत्तिजनक चैट्स सामने आई हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस दम्पती के वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल लेनदेन की व्यापक जांच कर रही है ताकि अन्य सहयोगियों की पहचान की जा सके और लीक हुई खुफिया जानकारी का दायरा पता लगाया जा सके।