दिल्ली-एनसीआर में ऑटो-टैक्सी चालकों की दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान, CNG दामों में बढ़ोत्तरी को लेकर भारी आंदोलन की होगी शुरुआत

दिल्ली एवं एनसीआर क्षेत्र में सीएनजी की कीमतों में हुई भारी बढ़ोत्तरी के विरोध में ऑल दिल्ली ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट्स कांग्रेस यूनियन (रजि०) ने 7 और 8 सितंबर 2026 को दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का आह्वान किया है। संगठन ने इस संबंध में दिल्ली के उपराज्यपाल महोदय को एक विस्तृत सूचना पत्र (क्रमांक: RE/ADATTCU/1201/2026, दिनांक 31.08.2026) भेजा है।
क्या है मामला
पत्र के अनुसार, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दिल्ली में सीएनजी की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोत्तरी करने का फैसला किया है। पहले सीएनजी का रेट 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो 29 अगस्त 2026 से बढ़कर 87.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। संगठन का कहना है कि पिछले तीन महीनों में IGL ने सीएनजी के दामों में कुल 10 रुपये की बढ़ोत्तरी की है। साथ ही, यह बढ़ोत्तरी सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है — गुरुग्राम, गाजियाबाद और नोएडा में भी सीएनजी के दाम करीब 4 रुपये बढ़ाए गए हैं।
संगठन का तर्क है कि ईंधन, बीमा, रखरखाव और अन्य आवश्यक खर्चों में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए ऑटो-टैक्सी किराए में तत्काल न्यायोचित वृद्धि की जानी चाहिए।
हड़ताल की चेतावनी
यूनियन ने साफ किया है कि 7 और 8 सितंबर 2026 को दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर तथा सभी रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों के स्टैंड पर कोई भी ऑटो या टैक्सी संचालित नहीं होगी। संगठन ने कहा है कि इस हड़ताल से रेल यात्रियों को असुविधा हो सकती है, इसीलिए पूर्व सूचना के तौर पर यह पत्र भेजा जा रहा है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य आंदोलन नहीं बल्कि समाधान है — "हम संघर्ष नहीं चाहते, हम समाधान चाहते हैं। हम टकराव नहीं चाहते, हम संवाद चाहते हैं।"

संगठन की 9 प्रमुख मांगें
- ऑटो-टैक्सी किराया वृद्धि — सीएनजी दामों में हुई लगातार बढ़ोत्तरी और बढ़ते ईंधन, बीमा व रखरखाव खर्च को देखते हुए किराए में तत्काल न्यायोचित वृद्धि की जाए।
- एग्रीगेटर कंपनियों की जांच — ओला, उबर, रैपिडो सहित अन्य एग्रीगेटर कंपनियों के प्लेटफॉर्म पर निजी सफेद नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल व निजी कारों से हो रहे अवैध यात्री परिवहन की जांच कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- "विशेष भूल सुधार अभियान" — परमिट, आरसी, फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस, बैज एवं अन्य दस्तावेजों में मामूली त्रुटियों (जैसे नाम/उपनाम की स्पेलिंग में एक-दो अक्षरों की गलती) को सरल एवं समयबद्ध प्रक्रिया से सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि कागज की छोटी गलती से किसी चालक की रोज़ी-रोटी प्रभावित न हो।
- मोबाइल फोटो आधारित चालानों पर रोक — दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की इंफोर्समेंट टीम द्वारा मोबाइल से फोटो खींचकर किए जाने वाले चालानों की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से बंद की जाए।
- ई-रिक्शा प्रतिबंध आदेशों का पालन — दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशानुसार 236 सड़कों पर ई-रिक्शा संचालन प्रतिबंध जैसे आदेशों का प्रभावी और पारदर्शी पालन सुनिश्चित किया जाए।
- ईवी नीति और सीएनजी ऑटो पंजीकरण पर पुनर्विचार — संगठन 1 जनवरी 2027 से सीएनजी ऑटो के नए पंजीकरण पर रोक लगाने की व्यवस्था का विरोध करता है और मांग करता है कि चालकों व प्रतिनिधि संगठनों से व्यापक संवाद के बाद ही इस विषय पर पुनर्विचार किया जाए।
- ऑटो-टैक्सी कल्याण/वेलफेयर बोर्ड का गठन — मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा सत्र में की गई घोषणा के अनुरूप इस बोर्ड का गठन धरातल पर ठोस रूप से किया जाए।
- दिवंगत चालक विजय कुमार वाल्मीकि के परिवार को न्याय व मुआवजा — 23 जुलाई 2026 को कृष्णा नगर, शाहदरा में रैपिडो कैप्टन टैक्सी चालक विजय कुमार वाल्मीकि की निर्मम हत्या हो गई थी, जिनके पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चियां हैं। संगठन ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को दिल्ली सरकार व रैपिडो कैप्टन कंपनी द्वारा तत्काल उचित आर्थिक सहायता/मुआवजा दिया जाए, साथ ही ऐप आधारित प्लेटफॉर्म से जुड़े चालकों के लिए प्रभावी "Driver Safety Mechanism" तैयार किया जाए।
- केंद्र सरकार की Motor Vehicle Aggregator Guidelines, 2025 का प्रभावी क्रियान्वयन — केंद्रीय परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी इन दिशा-निर्देशों को दिल्ली सहित सभी राज्यों में प्रभावी रूप से लागू किया जाए ताकि एग्रीगेटर कंपनियों के संचालन में जवाबदेही, चालक कल्याण, सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। संगठन ने ओला, उबर, रैपिडो, इनड्राइव सहित सभी एग्रीगेटर कंपनियों के लिए मनमानी, आईडी ब्लॉकिंग, कमीशन, किराया, शिकायत निवारण व सुरक्षा जैसे मुद्दों पर पारदर्शी और प्रभावी निगरानी तथा शिकायत-निवारण व्यवस्था स्थापित करने की मांग की है।
संगठन की अपील
पत्र में उपराज्यपाल से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा गया है कि संबंधित विभागों और संगठन के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बैठक/संवाद की व्यवस्था कराई जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सार्थक संवाद और ठोस पहल नहीं होती है, तो 7-8 सितंबर 2026 की हड़ताल के माध्यम से चालक शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें सरकार-प्रशासन तक पहुंचाएंगे।
यह पत्र केंद्रीय गृह मंत्रालय, दिल्ली की मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, परिवहन आयुक्त, पुलिस आयुक्त (दिल्ली), संयुक्त आयुक्त पुलिस (यातायात), पुलिस उपायुक्त (रेलवे GRP), आयुक्त RPF, तथा गाजियाबाद, गुरुग्राम व नोएडा के पुलिस आयुक्तों को भी प्रतिलिपि के रूप में भेजा गया है।