दिल्ली नगर निगम की बड़ी कार्रवाई: 11 संपत्तियां सील और 12 ढहाने के आदेश जारी

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने खतरनाक इमारतों, अवैध निर्माण और मास्टर प्लान के नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अपना शहरव्यापी अभियान तेज कर दिया है। दिल्ली सरकार के अनुसार, निगम के सभी 12 ज़ोनों में भवन नियमों का पालन कराने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस सघन अभियान के तहत सभी 12 ज़ोनों में 46 डिमोलिशन कार्रवाई की गई। इसके अलावा, नियमों का उल्लंघन करने वाली 11 संपत्तियों को सील कर दिया गया और 12 संपत्तियों के खिलाफ डिमोलिशन (तोड़ने) के आदेश पारित किए गए। निगम ने इससे पहले कल भी एक अभियान चलाया था, जिसमें 40 संपत्तियों को तोड़ा गया था और 16 संपत्तियों को सील किया गया था।
प्रमुख क्षेत्रों में चली कार्रवाई
आज के इस अभियान के दौरान उत्तर-पूर्व ज़ोन के कर्दमपुरी, शाहदरा, प्रसादी मोहल्ला, उस्मानपुर/नया उस्मानपुर और पूर्व ज़ोन के शास्त्री पार्क, स्वरूप नगर और रानी बाग सहित कई अन्य स्थानों पर बड़ी कार्रवाई की गई। MCD ने दोहराया है कि उसके क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या भवन नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम ने कहा है कि जनता की सुरक्षा के लिए खतरनाक इमारतों और अन्य उल्लंघनों के खिलाफ यह अभियान पूरे जोर-शोर से जारी रहेगा। निगम ने अपने मैदानी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करें।
सत्य निकetan इमारत हादसे के बाद सख्त कदम
यह कार्रवाई 6 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में एक इमारत के ढहने की घटना के बाद सामने आई है, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने आज सुनवाई के दौरान कहा कि सत्य निकेतन में पीजी इमारत का गिरना लापरवाही भरा और आपराधिक आचरण का परिणाम था। मुख्य বিচারপতি देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने डीयू के साउथ कैंपस के पास हुई इस इमारत दुर्घटना और छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की समस्या से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। यह जानकारी ANI द्वारा प्रदान की गई मूल सामग्री पर आधारित है।