दिल्ली में अदालतों का बोझ कम करने के लिए उपराज्यपाल ने मंजूर किए 427 नए पद

दिल्ली के उपराज्यपाल ने ट्रायल कोर्ट के बैकलॉग को खत्म करने और नई अदालतों के लिए 427 नए सहायक पदों को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से न्याय प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली में 53 नई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की स्थापना के लिए 427 पदों को मंजूरी मिली है। इस प्रस्ताव को प्रशासनिक सुधार और कानून विभागों की सिफारिशें मिली हैं, जिस पर करीब 37.37 करोड़ रुपये का वित्तीय खर्च आएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में दी गई है।
वित्त विभाग ने निर्देश दिया है कि नए पदों के काम शुरू करने से पहले मौजूदा अदालतों के 243 खाली पदों को प्राथमिकता से भरा जाना चाहिए। नए स्टाफ में रीडर, सीनियर पर्सनल असिस्टेंट, अहलमद, स्टाफ कार ड्राइवर और मल्टी-टास्किंग स्टाफ शामिल हैं।
जून 2026 तक दिल्ली की जिला अदालतों में लंबित मामलों का आंकड़ा भारी बना हुआ है। फरवरी 2026 तक लंबित मामले 15.8 लाख तक पहुंच गए हैं और हर साल इसमें बढ़ोतरी हो रही है। इस बारे में दिल्ली अधीनस्थ अदालत कर्मचारी कल्याण संघ (DSCEWA) के महासचिव अरुण यादव ने इस कदम का स्वागत किया है और पुरानी कमी को पूरा करने की मांग की है।