दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर ट्रांसशिपमेंट कार्गो की सुरक्षा होगी और मजबूत, नए नियमों से समय की होगी बड़ी बचत

Kittu Kumari30 August 20262 min read183 viewsDelhi Local
दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर ट्रांसशिपमेंट कार्गो की सुरक्षा होगी और मजबूत, नए नियमों से समय की होगी बड़ी बचत

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर ट्रांसशिपमेंट कार्गो की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा रहा है। हवाई अड्डा अधिकारी निगरानी, निरीक्षण और सामान की आवाजाही की प्रक्रियाओं को अपग्रेड करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके तहत सामानों के सुरक्षित भंडारण के लिए एक कॉमन ट्रांसशिपमेंट कार्गो सिक्योरिटी होल्ड एरिया (TCSHA) विकसित किया जाएगा (स्रोत)।

मुख्य बिंदु:

  • सुरक्षा निगरानी और निरीक्षण प्रक्रियाओं में सुधार किया जाएगा।
  • सुरक्षित भंडारण के लिए कॉमन ट्रांसशिपमेंट कार्गो सिक्योरिटी होल्ड एरिया बनाया जाएगा।
  • सुरक्षित कार्गो के लिए पीस-लेवल एक्स-रे री-स्क्रीनिंग की अनिवार्यता खत्म की गई है।
  • कार्गो कनेक्शन का समय 36-48 घंटे से घटकर 5-8 घंटे रह गया है।
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नीतिगत सुधार और नई पहल

भारत को वैश्विक कार्गो हब बनाने के लक्ष्य के साथ कई नीतिगत सुधार किए गए हैं। 19 अगस्त, 2026 को नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने टर्मिनल 2 स्थित ट्रांसशिपमेंट एक्सीलेंस सेंटर (TEC) में इन सुधारों के एक विस्तारित चरण का उद्घाटन किया। बीसीएएस (BCAS) के संशोधित ढांचे के अनुसार, अब सुरक्षित ट्रांसशिपमेंट कार्गो के लिए पीस-लेवल एक्स-रे री-स्क्रीनिंग की अनिवार्यता को हटा दिया गया है (स्रोत)।

परिचालन में सुधार और नतीजे

इन नए नियमों का असर एयर इंडिया के चेन्नई-दिल्ली-फ्रैंकफर्ट रूट के पायलट प्रोग्राम में देखा गया है। इससे कार्गो कनेक्शन का समय 36-48 घंटे से घटकर केवल 5-8 घंटे रह गया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, पायलट चरण के दौरान लगभग 280 मीट्रिक टन कार्गो का ट्रांसशिपमेंट हुआ, जिससे विमान की क्षमता का उपयोग 75% से बढ़कर लगभग 100% हो गया (स्रोत)।

नेटवर्क विस्तार और भविष्य का लक्ष्य

इस सुव्यवस्थित कार्गो नेटवर्क में अब चार घरेलू स्टेशन—बेंगलुरु, अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद—और दो अंतरराष्ट्रीय गंतव्य, लंदन और कोपेनहेगन शामिल हैं। एयर इंडिया के गवर्नेंस, रिस्क, कंप्लायंस और कॉर्पोरेट अफेयर्स के ग्रुप हेड पी बालाजी ने बताया कि इन सुधारों से दिल्ली एयरपोर्ट पर सालाना 20 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त ट्रांसशिपमेंट कार्गो आने की उम्मीद है। मंत्री नायडू ने कहा कि भीड़भाड़ और हैंडलिंग लागत कम करके सरकार घरेलू विमानन क्षेत्र में व्यापार करने की आसानी को बढ़ा रही है।

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