दिल्ली के सरिता विहार के रहने वाले 31 वर्षीय HR प्रोफेशनल युवराज सिंह मनचंदा की गुरुग्राम में हत्या कर दी गई। युवराज अडाणी रियल्टी में काम करते थे और 6 सितंबर 2026 को लाजपत नगर के एक रेस्तरां से गुरुग्राम में एक मीटिंग के लिए निकले थे। इसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और उनकी बहन ने 11 सितंबर को लाजपत नगर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
दिल्ली पुलिस ने तकनीकी निगरानी के बाद उत्तराखंड से मुख्य संदिग्धों—पीड़ित की पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स और उनके पार्टनर संयम सचदेवा को गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों का कहना है कि दोनों ने हत्या की बात कबूल कर ली है। जांचकर्ता वित्तीय विवाद को मुख्य motive मान रहे हैं। अन्या ने 2022 में पीड़ित के साथ काम किया था और वित्तीय अनियमिता के आरोपों के बीच उसे निकाल दिया गया था। रिपोर्ट्स में यह भी सुझाव दिया गया है कि पीड़ित के परिवार ने अन्या पर पहले उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
निष्कर्षों के अनुसार, संदिग्धों ने कथित तौर पर ठिकाना तय करने तक करीब सात घंटे तक युवराज के शव को उनकी ही गाड़ी के अंदर रखा।
कार के अंदर ही पीड़ित को दो बार गोली मारे जाने के अनवेरिफाइड दावे भी सामने आए हैं। इसके बाद शव को गुरुग्राम में संदिग्धों के घर के पास एक नाले में फेंक दिया गया था। 10 सितंबर को बादशाहपुर पुलिस ने शव को बरामद किया और बाद में पीड़ित के परिवार ने तस्वीरों और शारीरिक विवरण के जरिए उसकी पहचान की।
संदिग्धों को अदालत में पेश किया गया, जहां से जांच को आगे बढ़ाने के लिए पांच दिन की पुलिस कस्टडी दी गई।
कानून प्रवर्तन एजेंसियां अपराध की पूरी कड़ियों को जोड़ने के लिए फोरेंसिक और तकनीकी सबूत जुटा रही हैं।