दिल्ली पुलिस ने हनीट्रैप, अपहरण, फिरौती और मारपीट के एक मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पीड़ित को उत्तर प्रदेश के मथुरा से सुरक्षित बचा लिया है। इस मामले की शुरुआत 22 अगस्त 2026 को हुई थी, जब मैदान गढ़ी पुलिस स्टेशन को पवनदीप जोशी नाम के व्यक्ति की गुमशुदगी की शिकायत उसके भाई से मिली थी। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) के तहत एफआईआर दर्ज की गई और जांच के दौरान अन्य धाराएं भी जोड़ी गईं।
जांच में सामने आया कि पीड़ित को इंदु उर्फ रीयू उर्फ लीसा शर्मा ने ऑनलाइन ऐप के जरिए घरेलू सामान खरीदने के बहाने बुलाया था। मिलने के बाद वह उसे नेब सराय स्थित अपने फ्लैट पर ले गई, जहां जितेंद्र यादव उर्फ जीतू और उसके साथियों ने उसके साथ मारपीट की और बंधक बना लिया। इसके बाद पीड़ित को टाटा हैरियर गाड़ी में हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की मदद से 23 अगस्त 2026 को मथुरा से पीड़ित का पता लगाया।
30 अगस्त 2026 को पुलिस टीम ने महिपालपुर में राडिसन होटल के पास टाटा हैरियर को रोककर जितेंद्र यादव और इंदु को गिरफ्तार किया। इसके बाद चार अन्य सह-आरोपियों भानु प्रताप, अज्जू सरकार, राहुल उर्फ बिजेंद्र और नवीन उर्फ चिंटू को दिल्ली और पलवल से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल एसयूवी, दो खिलौना पिस्तौल, चाकू, सोना, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन से मारपीट के वीडियो भी जब्त किए गए हैं। आरोपियों ने पीड़ित के परिवार से 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी और लोन लेने की कोशिश भी की थी। मामले की आगे की जांच जारी है।