दिल्ली हाई कोर्ट ने ब्रिटिश नागरिक जगता सिंह जोहल को दी जमानत

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहल को पंजाब में कथित लक्षित हत्याओं और जानलेवा हमलों से जुड़े सात मामलों में जमानत दे दी है। यह फैसला जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुनेजा की खंडपीठ ने सुनाया। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 7 सितंबर को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था और अब सभी सात मामलों में जमानत मंजूर कर ली है। जगतार सिंह जोहल साल 2017 में पंजाब में गिरफ्तारी के बाद से ही हिरासत में बंद हैं। यह मामले 2016-2017 के दौरान लुधियाना और जालंधर जिलों में हुई लक्षित हत्याओं और हमलों से जुड़े हुए हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अनुसार ये घटनाएं खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) से जुड़ी एक बड़ी साजिश का हिस्सा थीं। एजेंसी का आरोप है कि इस साजिश का मकसद पंजाब में अशांति फैलाना और कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित करना था। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि हरदीप सिंह और रमनदीप सिंह इन हमलों में शूटर के रूप में शामिल थे। इन मामलों में आरएसएस और हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों सहित कई व्यक्ति प्रभावित हुए थे। अभियोजन पक्ष के मामले में जोहल को एक अलग भूमिका सौंपी गई थी। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने एक फाइनेंसर और कूरियर के रूप में काम किया था। आरोप है कि उन्होंने यूके स्थित केएलएफ सहयोगी गुरशरण सिंह से मिले 3,000 पाउंड पेरिस में हरिंदर सिंह उर्फ मिंटू को दिए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार यह पैसा बाद में हरदीप सिंह को दे दिया गया था। इन मामलों में आईपीसी, यूएपीए और आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। एनआईए की विशेष अदालत ने पहले जोहल की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 15 जुलाई 2026 को इन मामलों को नए सिरे से विचार के लिए हाई कोर्ट में वापस भेज दिया था। इसके बाद हाई कोर्ट ने नए सिरे से सुनवाई कर अपना फैसला सुनाया है।