दिल्ली हाईकोर्ट ने एनआईए जांच के विस्तार को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

Kittu Kumari31 August 20261 min read105 viewsNational
दिल्ली हाईकोर्ट ने एनआईए जांच के विस्तार को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने 31 अगस्त 2026 को यूक्रेनी नागरिकों द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए द्वारा आतंकवाद के एक मामले में जांच की अवधि बढ़ाने को चुनौती दी गई थी। इस मामले की सुनवाई जस्टिस मधु जैन ने की थी, जिन्होंने 11 अगस्त 2026 को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। इस मामले में छह यूक्रेनी नागरिक और एक अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक शामिल हैं, जिन्हें अप्रैल 2026 में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था। इस बारे में अधिक जानकारी ANI News पर देखी जा सकती है। यह विवाद पटियाला हाउस स्थित एनआईए अदालत के 4 जून 2026 के उस आदेश से जुड़ा है, जिसके तहत यूएपीए की धारा 43डी के तहत जांच की अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन कर दी गई थी। इससे संबंधित अन्य विवरण ANI News पर उपलब्ध हैं।

दलीलें और अदालत की कार्यवाही

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकीलों ने तर्क दिया कि जांच अवधि बढ़ाने से डिफॉल्ट जमानत का उनका कानूनी अधिकार खत्म हो गया है। इसके विपरीत, एनआईए के वकीलों ने कहा कि निचली अदालत ने अपने न्यायिक दायरे के भीतर काम किया है। एजेंसी ने यह भी कहा कि जांच की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवेदन को व्यापक रखा गया था। इस पक्ष पर अधिक जानकारी ANI News पर दी गई है। यह फैसला 4 अगस्त 2026 के उस आदेश के बाद आया है, जिसमें एक खंडपीठ ने स्पष्ट किया था कि एनआईए अधिनियम के तहत जांच विस्तार आदेश के खिलाफ अपील नहीं की जा सकती है, लेकिन यह न्यायिक समीक्षा के दायरे में आता है।

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