दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे पर सीवर लाइन धंसने के बाद तेजी से चल रहा है मरम्मत का काम

दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे पर इफ्फोक Chowk के पास हुए बड़े सीवर धंसने की घटना के बाद मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। इस घटना में मंगलवार दोपहर, 25 अगस्त 2026 को एक बड़ा सिंकहोल बन गया था जिसका दायरा 30 फीट से अधिक चौड़ा हो गया था। क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचा एम्बिएंस मॉल से राजीव चौक तक जाने वाली मास्टर सीवर लाइन का हिस्सा है। इस बारे में अधिक जानकारी UNI India की रिपोर्ट में दी गई है।
मरम्मत और डीवाटरिंग का काम
बुधवार रात, 26 अगस्त 2026 को लगातार तीन दिनों की डीवाटरिंग और सीवेज डायवर्जन का काम पूरा होने के बाद, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण यानी GMDA ने शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को लीक के सटीक स्रोत की पहचान की। GMDA के कार्यकारी अभियंता भीम आर्य ने पुष्टि की कि स्थल पर अभी भी काम चल रहा है और टीमें मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए स्टील-प्लेट शटरिंग लगाने वास्ते खुदाई कर रही हैं। तत्काल योजना के तहत सिंकहोल के नीचे 20 मीटर पाइपलाइन को बदला जाना है और इसकी मजबूती के लिए मशीन वुउंड स्पाइरल लाइनिंग (MWSL) तकनीक का उपयोग करके एमजी रोड की ओर 100 मीटर अतिरिक्त हिस्से को अपग्रेड किया जाना है।
यातायात डायवर्जन और बहाली का काम
कुछ अधिकारियों का अनुमान है कि सीवर की मरम्मत और सड़क की बहाली का काम तीन से चार दिनों में पूरा हो जाएगा, जबकि अन्य ने शुक्रवार, 28 अगस्त से पांच से छह दिनों का समय जताया है। GMDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीना ने इंजीनियरिंग विंग को इस प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय GMDA के साथ मिलकर काम कर रहा है और उसने बताया है कि पाइपलाइन पूरी तरह से सुरक्षित होने के बाद ही सड़क को ठीक करने का काम शुरू किया जाएगा।
व्यापक बुनियादी ढांचे के सुधार और यातायात व्यवस्था
GMDA इफ्फोक चौक और सिकंदरपुर के बीच सीवर लाइन में सुधार के लिए लगभग 9 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा है। इसके साथ ही बख्तावर चौक और सेक्टर 46-47 क्रॉसिंग के बीच पुनर्वास कार्य के लिए एक अलग टेंडर भी जारी किया गया है। यातायात डायवर्जन अभी भी लागू है और एमजी रोड तथा इफ्फोक चौक से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को सुखराली के यू-टर्न का उपयोग करने की सलाह दी गई है। मरम्मत कार्य आगे बढ़ने के साथ ही निवासियों को संभावित जल आपूर्ति में बाधा के प्रति भी सतर्क किया गया है।