दिल्ली सरकार की अनोखी पहल, फ्लाईओवरों के नीचे की खाली जगहों को सुंदर बनाने के लिए निजी कंपनियों से समझौता

दिल्ली सरकार ने शहर के फ्लाईओवरों के नीचे खाली पड़ी और बेकार जगहों को सुंदर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार, 31 अगस्त 2026 को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। यह पूरी योजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल के तहत चलाई जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि एक साफ-सुथरा, हरा-भरा और सुंदर शहर बनाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है और सरकार इन उपेक्षित जगहों को सुरक्षित तथा पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक क्षेत्रों में बदलने पर पूरा जोर दे रही है। इस कार्यक्रम में दिल्ली के लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश वर्मा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल के तहत निजी कंपनियों के साथ मिलकर कॉर्पोरेट सोशल जिम्मेदारी के नियमों के तहत सौंदर्यीकरण का काम किया जाएगा। डिक्सन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने वृक्ष फाउंडेशन के साथ मिलकर दीपाली और मंगोलपुरी मार्केट के बीच स्थित फ्लाईवर के नीचे करीब ढाई किलोमीटर के हिस्से को विकसित करने का अनुबंध किया है। इस परियोजना में इलाके को साफ और सुरक्षित रखने के लिए फेंसिंग और बुनियादी ढांचे में सुधार शामिल है। इसके अलावा, इस साझेदारी के तहत 61 फ्लाईवर के पिलरों पर लगभग 5100 वर्ग मीटर क्षेत्र में पर्यावरण-थीम वाले भित्ति चित्र और कलाकृतियां बनाई जाएंगी, जिन पर स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और आधुनिक कला के चित्र नजर आएंगे।
इस योजना के तहत कनोडिया ग्रुप ने मथुरा रोड और एमपी रोड के पास स्थित दो एकड़ हरी बेल्ट के विकास और लंबी अवधि के रख-रखाव की जिम्मेदारी ली है। इस विशेष परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय पौधों का उपयोग करके पेशेवर लैंडस्केपिंग, नए पैदल रास्तों के निर्माण और बेहतर रोशनी के जरिए अवैध डंपिंग और अतिक्रमण की समस्याओं को दूर करना है। इस व्यापक शहरी नवीनीकरण योजना में ड्रिप सिंचाई प्रणाली और फेंसिंग से सुरक्षित प्रदूषण प्रतिरोधी पौधों की रोपाई जैसी टिकाऊ विशेषताएं भी शामिल हैं ताकि यह जगह हमेशा हरी-भरी और साफ-सुथरी बनी रहे।