दिल्ली सरकार ने कर्ज चुकाने के लिए समेकित सिंकिंग फंड का किया गठन

Kittu Kumari29 August 20262 min read69 viewsDelhi Local
दिल्ली सरकार ने कर्ज चुकाने के लिए समेकित सिंकिंग फंड का किया गठन

दिल्ली सरकार ने अपने बकाए कर्ज को चुकाने के लिए एक समेकित सिंकिंग फंड यानी (CSF) की औपचारिक शुरुआत कर दी है। यह योजना 24 अगस्त 2026 को राजपत्र में अधिसूचना छपने के बाद लागू हुई है और इसके कामकाज साल 2026-27 के वित्त वर्ष से शुरू हो गए हैं। इस नई व्यवस्था को उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने अपनी मंजूरी दी है। दिल्ली का कुल बकाया कर्ज 31 मार्च 2025 तक 30,556.54 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। यह राशि साल 2025-26 के लिए राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी GSDP का 2.30 प्रतिशत है। इस नए फंड के आने से पुरानी फंड व्यवस्था खत्म हो गई है और 31 मार्च 2026 तक का सारा पैसा नए फंड में ट्रांसफर कर दिया गया है। इस फंड का संचालन भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI की नागपुर स्थित सेंट्रल अकाउंट्स सेक्शन द्वारा किया जाएगा। सरकार की योजना अगले पांच साल में इस फंड को कुल बकाया कर्ज का 5 प्रतिशत तक बढ़ाने की है। फंड में पैसा आम कमाई या सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने से आ सकता है, लेकिन RBI से कर्ज लेकर इस फंड में पैसा नहीं डाला जा सकता है। इस फंड से मिलने वाला रिटर्न और पैसा सरकार की आम कमाई से पूरी तरह अलग रखा जाएगा। इस फंड का पैसा भारत सरकार की प्रतिभूतियों, ट्रेजरी बिल और राज्य सरकार की प्रतिभूतियों में लगाया जाएगा। इन निवेशों की समय सीमा RBI द्वारा दिल्ली प्रशासन से सलाह लेकर तय की जाएगी। इस फंड से शुरुआत के पांच साल तक पैसे निकालने की अनुमति नहीं होगी। पांच साल के बाद हर साल पैसे निकालने की सीमा तय होगी। हालांकि, सरकार कैश की कमी को पूरा करने के लिए RBI की स्पेशल ड्राइंग फैसिलिटी का इस्तेमाल कर सकती है। इसके लिए सरकार को फंड के टर्नओवर पर एक प्रतिशत का आठवां हिस्सा यानी 1/8 प्रतिशत कमीशन देना होगा।

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