दिल्ली सरकार लाई 'दुर्गा' योजना, महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को मिलेंगे 1,300 ई-ऑटो परमिट

दिल्ली सरकार दिवाली से पहले महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए 'दुर्गा' (Driving Upliftment and Rozgar for Women/Transgender Green e-Auto) योजना को अंतिम रूप दे रही है। इस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 30 मार्च 2026 को 2026-27 के दिल्ली बजट के दौरान की थी। इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली के 13 जिलों में 1,300 ई-ऑटो परमिट वितरित करना है, जिसमें प्रत्येक जिले के लिए 100 परमिट तय किए गए हैं। इस रोलआउट के पहले चरण में 1,100 लाभार्थियों को लक्षित किया गया है, जिनमें 1,000 महिलाएं और 100 ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं।
योजना की पात्रता और आरक्षण के नियम
इस योजना के तहत 90% परमिट महिलाओं के लिए और 10% परमिट ट्रांसजेंडर आवेदकों के लिए आरक्षित किए गए हैं। पात्रता के नियमों के अनुसार आवेदक की आयु 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए, परिवार की वार्षिक आय ₹5 लाख से कम होनी चाहिए और परिवार के पास कोई तिपहिया वाहन नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, विवाहित महिला आवेदकों के बच्चे 18 वर्ष से कम उम्र के होने चाहिए और प्रत्येक परिवार को केवल एक ही परमिट मिलेगा। सभी आवेदकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, पब्लिक सर्विस व्हीकल (PSV) बैज और वोटर आईडी कार्ड होना अनिवार्य है।
वित्तीय सहायता और बुनियादी ढांचा
₹20 करोड़ के प्रस्तावित बजट के समर्थन से चलने वाली इस योजना में ई-ऑटो की खरीद पर पहले साल में ₹50,000 का प्रोत्साहन दिया जाएगा। दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026-30 के तहत इन वाहनों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी तरह छूट दी जाएगी। सरकार बैंकों के माध्यम से सब्सिडी और ब्याज सहायता प्रदान करेगी और ड्राइवरों को एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म से जोड़ेगी। संचालन में मदद के लिए मेट्रो और आरआरटीएस स्टेशनों के पास विशेष पार्किंग, चार्जिंग बुनियादी ढांचा और स्टैंड उपलब्ध कराए जाएंगे।
गुलाबी ई-ऑटो और सुरक्षा व्यवस्था
गुलाबी रंग के इन ई-ऑटो पर 'DURGA' की ब्रांडिंग होगी और ड्राइवरों को विशेष जैकेट, कैप तथा पहचान पत्र दिए जाएंगे। महिला हेल्पलाइन नंबरों को प्रमुखता से प्रदर्शित करके यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। इस योजना के प्रारूप तैयार करने की निगरानी परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह और परिवहन आयुक्त निहारिका राय ने की है, और अंतिम आवंटन एक आगामी समर्पित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लॉटरी द्वारा तय किए जाने की उम्मीद है।