दिल्ली में घरेलू सहायिका की हत्या के मामले में त्वचा विशेषज्ञ डॉक्टर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

Kittu Kumari17 September 20262 min read13 viewsDelhi Local
दिल्ली में घरेलू सहायिका की हत्या के मामले में त्वचा विशेषज्ञ डॉक्टर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

दिल्ली पुलिस ने जून में 45 वर्षीय घरेलू सहायिका मीना हलदार की हत्या के मामले में 50 वर्षीय त्वचा विशेषज्ञ मनीष गुप्ता के खिलाफ 340 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में पुलिस ने साकेत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है और आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में है। इस पूरी घटना की जानकारी के मुख्य बिंदुओं में गवाहों के बयान और फोरेंसिक सबूत शामिल हैं।

घटना का विवरण और मुख्य गवाह

जांच रिपोर्ट के अनुसार, हमला तब हुआ जब गुप्ता ने कथित तौर पर टेरेस स्टोररूम के अंदर क्रिकेट बैट से हलदार पर हमला कर दिया। जब उसने भागने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसका पीछा किया और कथित तौर पर उसकी गर्दन पर छह बार चाकू से वार किया। अधिकारियों ने बताया कि पूरी घटना लगभग एक मिनट तक चली। इस मामले में एक महत्वपूर्ण सबूत छत के पार रहने वाले एक जोड़े, विनय और कामिनी का बयान है, जिन्होंने कथित तौर पर आरोपी को पीड़ित पर हमला करते हुए देखा था।

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हत्या की वजह और इस्तेमाल किए गए हथियार

चार्जशीट के अनुसार, हत्या का मुख्य कारण यह था कि गुप्ता इस बात से नाराज़ था कि हलदार उसकी मांगों के बजाय उसकी पत्नी के निर्देशों को प्राथमिकता देती थी। गुप्ता द्वारा बार-बार नौकरी से निकालने की मांग के बावजूद, उसकी पत्नी ने पुराने भावनात्मक जुड़ाव का हवाला देते हुए उसे काम पर रखा था। घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार, एक क्रिकेट बैट और एक एंटीक चाकू, कथित तौर पर गुप्ता के पास पहले से ही थे। एक पड़ोसी द्वारा खून से लथपथ शव मिलने के बाद सुबह 11:40 बजे पहली पीसीआर कॉल की गई थी।

फोरेंसिक साक्ष्य और पुलिस की कार्रवाई

फोरेंसिक साक्ष्य भी इस मामले के केंद्र में हैं, क्योंकि गुप्ता के कपड़ों पर मिले खून के नमूने कथित तौर पर पीड़िता के खून से मेल खाते हैं। दिल्ली पुलिस ने आरोपी द्वारा पेश किए गए मानसिक स्वास्थ्य के बचाव को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है। जांचकर्ताओं ने आरोपी के बेटे की पढ़ाई को लेकर तनाव से जुड़े दावों को भी खारिज कर दिया है। इस चार्जशीट में 42 गवाहों के बयान शामिल हैं और इसे साकेत कोर्ट में Judicial Magistrate First Class Deepika Thakran के पास जमा किया गया था। मामले की सुनवाई 18 सितंबर को तय की गई है।

बचाव पक्ष का बयान

गुpta के वकील, Advocate Kamal Nayan Tiwari ने पुलिस के निष्कर्षों को चुनौती दी है। उन्होंने दावा किया है कि आरोप झूठे हैं और इस बात पर जोर दिया है कि किसी भी प्रत्यक्षदर्शी ने आरोपी को कृत्य करते हुए नहीं देखा है। उन्होंने जांच पर संदेह जताने के लिए छत पर कई प्रवेश और निकास बिंदुओं की ओर भी इशारा किया है। मनीष गुप्ता फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

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