दिल्ली में जलभराव रोकने के लिए अधिकारियों ने 8 मुख्य नालों की पहचान की

दिल्ली में बार-बार होने वाले जलभराव और बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए अधिकारियों ने पहली बार आठ 'अतिसंवेदनशील' नालों की पहचान की है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, ये नाले अतिक्रमण, कचरे, गोबर, सीवेज और मशीनों के न पहुंच पाने के कारण बुरी तरह अवरुद्ध हैं। मास्टर प्लान-2047 में इन क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिसके तहत दिल्ली को आधुनिक शहर बनाने के लिए इनकी सफाई, पुनर्निर्माण और जल निकासी क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव है मास्टर प्लान-2047।
निरीक्षण और सख्त निर्देश
अधिकारियों ने 29 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर इन आठ नालों की सूची तैयार की है। इस संकट को देखते हुए, दिल्ली के उपराज्यपाल ने लोक निर्माण विभाग के शीर्ष अधिकारियों को जलभराव वाले स्थानों का जमीनी निरीक्षण करने और 31 अगस्त 2026 तक रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। मुख्य और अधीक्षण अभियंता नई रोहतक रोड, बुराड़ी की 100 फुटा रोड, प्रेमबारी अंडरपास, डब्री नाला रोड और नजफगढ़-कपास्या रोड जैसे प्रमुख स्थानों पर जल निकासी प्रणालियों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
विशेष टीमों की तैनाती और समाधान
जल मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे हर जिले में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और उप-विभागीय मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में विशेष टीमें तैनात करें। इन टीमों को मुख्य जल वितरण नेटवर्क की निगरानी करने और पाइपलाइन के लीक को 12 घंटे के भीतर ठीक करने का जिम्मा सौंपा गया है। हाल की बारिश के कारण बाबा खड़क सिंह मार्ग जैसे इलाकों में भारी जलभराव हुआ है, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी ने जलभराव के स्थानों के लिए तत्काल और स्थायी समाधान मांगे हैं विशेष टीमें। उपराज्यपाल द्वारा अनुमोदित मास्टर प्लान-2047 दिल्ली विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जो प्रदूषण नियंत्रण और बेहतर जल प्रबंधन की लंबी रणनीतियों को रेखांकित करता है।