केन्द्रीय सरकार ने दिल्ली में प्याज की बढ़ती खुद आम कीमतों को रोकने और लोगों के लिए उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 1,000 मीट्रिक टन प्याज देने की घोषणा की है। यह प्याज उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेचा जाएगा। इस खबर के बारे में अधिक जानकारी ANI News पर उपलब्ध है। दिल्ली में रियायती प्याज लोगों को सस्ते दामों पर मिलेगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि प्रशासन उन लोगों तक रियायती प्याज पहुँचाने के लिए दिल्ली के सभी 13 जिलों में से प्रत्येक में एक मोबाइल वैन तैनात करेगा जिनके पास खुदरा दुकानों तक आसान पहुँच नहीं है। इस पहल की अधिक जानकारी
ANI News के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने स्थिति की समीक्षा करते हुए यह कदम उठाया है। यह पहल 25 अगस्त 2026 को हुई समीक्षा बैठक के बाद शुरू की गई है, जिसमें मुख्यमंत्री ने पुष्टि की थी कि सरकार आवश्यक वस्तुएं सीधे नेफेड से खरीदेगी।
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने स्पष्ट किया है कि देश में प्याज की कोई कमी नहीं है और 2025-26 के लिए उत्पादन अनुमान पिछले वर्ष के समान ही हैं। खरे ने हाल ही में हुई मूल्य अस्थिरता का कारण आपूर्ति के मुद्दों के बजाय जमाखोरी और मुनाफाखोरी जैसी गतिविधियों को बताया है। केंद्र सरकार के पास वर्तमान में इस तरह की कीमतों में वृद्धि को प्रबंधित करने के लिए लगभग 1.21 लाख टन का बफर स्टॉक है। इस संबंध में पूरी रिपोर्ट
ANI News पर देखी जा सकती है।
सरकार के पास पर्याप्त प्याज का बफर स्टॉक मौजूद है।खाद्य और आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सरसा ने कहा कि प्रशासन परिवारों को अत्यधिक कीमत के बोझ से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। वितरण प्रयासों में नेफेड, एनसीसीएफ, केंद्रीय भंडार और मदर डेयरी की सफल दुकानें जैसी एजेंसियां शामिल हैं। इसके अलावा सरकार नासिक जैसे उत्पादन केंद्रों से थोक खेप ले जाने के लिए 'कांदा एक्सप्रेस' रेलवे सेवा का उपयोग कर रही है। इस बारे में अधिक जानकारी
ANI News पर दी गई है।
वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई सरकारी एजेंसियां काम कर रही हैं।