दिल्ली सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: केंद्र सरकार ने किरण बेदी की याचिका का किया विरोध

दिल्ली के सत्य निकेतन पीजी बिल्डिंग हादसे से जुड़े मामले में केंद्र सरकार ने पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी की याचिका का कड़ा विरोध किया है। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि किरण बेदी का हस्तक्षेप समय से पहले है और वह मामले में पहले ही राय बना रही हैं। अदालत में सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई।
दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया शामिल हैं, ने मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर 2026 तक के लिए टाल दी है। अदालत ने केंद्र सरकार को किरण बेदी की याचिका पर अपना औपचारिक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। हालांकि कोर्ट ने बेदी के प्रशासनिक अनुभव को महत्वपूर्ण माना है।
अदालत ने इस हादसे को लापरवाह और आपराधिक कृत्य करार दिया है। सुनवाई के दौरान चार छात्रों की मौत पर दुख जताया गया और राजधानी में छात्रों के लिए खराब हॉस्टल सुविधाओं के मुद्दे पर चर्चा हुई। सरकार ने छात्रों के लिए नई आवास योजनाओं और बुनियादी ढांचे पर काम करने की जानकारी दी है।
इस मामले में पीजी संचालक और मकान मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पहले से ही लंबित है। एम्स और एमसीडी को इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच पूरी कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिक जानकारी के लिए The Indian Express की रिपोर्ट भी देखी जा सकती है।