आनंद विहार के रेस्टोरेंट में रंगदारी और मारपीट रैकेट का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

नयी दिल्ली में शाहदरा जिला पुलिस ने आनंद विहार इलाके के एक फाइन डाइनिंग रेस्टोरेंट में हुई रंगदारी की घटना के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि यह मामला 14 सितंबर को तब सामने आया जब आनंद विहार पुलिस स्टेशन को रेस्टोरेंट में रंगदारी की घटना की सूचना मिली। पुलिस के अनुसार, 28 वर्षीय शिकायतकर्ता रामकिशन को एक अनजान महिला ने व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया और कड़कड़डूमा मेट्रो स्टेशन बुलाया, जहां से वह उसे रेस्टोरेंट ले गई। शिकायत के मुताबिक, महिला और शिकायतकर्ता रेस्टोरेंट पहुंचे, जहां उसे करीब 21,000 रुपये का भारी-भरकम बिल थमाया गया। जब उसने भुगतान करने में आनाकानी की, तो उसे डराया-धमकाया गया और पीटा गया। शिकायतकर्ता ने अरुण कुमार शर्मा के नाम के खाते में 8,000 रुपये नकद और 6,000 रुपये फोनपे/यूपीआई के जरिए दिए। आरोपियों ने उसका एटीएम कार्ड और पिन भी ले लिया और उसके खाते से 11,000 रुपये निकाल लिए। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे पुलिस के पास न जाने की धमकी दी गई और अतिरिक्त 25,000 रुपये देने को कहा गया। आनंद विहार पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर संख्या 330/2026 दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की पहचान
आरोपियों की पहचान करने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, प्रासंगिक जानकारी जुटाई और शिकायतकर्ता द्वारा दी गई लीड पर काम किया। जांच और शिकायतकर्ता की पहचान के मदद से आरोपियों की पहचान की गई और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत के खेकड़ा के नगला निवासी 28 वर्षीय अमन गुर्जर और दिल्ली के लक्ष्मीनगर के ललिता पार्क निवासी 28 वर्षीय मोहम्मद अरशदुल्लाह आलम के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान पुलिस ने बताया कि अमन गुर्जर ने खुलासा किया कि वह रेस्टोरेंट में बाउंसर के रूप में काम करता था, जबकि अरशदुल्लाह आलम एक ऑर्गेनाइजेटर के रूप में काम करता था। दोनों ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के साथ मारपीट करने और उससे पैसे वसूलने में हिस्सा लिया था।
फरार महिला की तलाश और आगे की जांच
आरोपियों ने एक महिला की संलिप्तता का भी खुलासा किया जिसने व्हाट्सएप के जरिए शिकायतकर्ता से संपर्क किया था और उसे रेस्टोरेंट लाई थी। वह पुलिस के आने से पहले ही फरार हो गई थी, और उसकी पहचान करने तथा उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने बताया कि जांच के हिस्से के रूप में सीसीटीवी फुटेज, वित्तीय लेनदेन, 6,000 रुपये का यूपीआई भुगतान, 11,000 रुपये की एटीएम निकासी और महिला के मोबाइल विवरण का सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर अपनाए जाने वाले तौर-तरीकों में एक महिला का व्हाट्सएप के जरिए संभावित पीड़ितों से संपर्क करना और उन्हें रेस्टोरेंट में फंसाना शामिल था। आरोपी बढ़े हुए बिल तैयार करते थे और भुगतान का विरोध करने पर पीड़ितों को डराते या पीटते थे, जिसके बाद उन्हें नकद और यूपीआई के जरिए भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता था। आरोपी पीड़ितों के एटीएम कार्ड और पिन भी हासिल कर लेते थे और उनके खातों से पैसे निकाल लेते थे। घटना में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने और शेष आरोपियों को पकड़ने के लिए आगे की जांच जारी है।