एम्स नई दिल्ली ने किया सुपर माइक्रोसurgery कार्यशाला का सफल आयोजन, अत्याधुनिक तकनीकों से हुईं छह जटिल सर्जरी

Kittu Kumari19 September 20262 min read14 viewsDelhi Local
एम्स नई दिल्ली ने किया सुपर माइक्रोसurgery कार्यशाला का सफल आयोजन, अत्याधुनिक तकनीकों से हुईं छह जटिल सर्जरी

नई दिल्ली (ANI)। एम्स नई दिल्ली में 16 और 17 सितंबर को एक विशेष सुपर माइक्रोसurgery कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया और कुल छह सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं। सुपर माइक्रोसurgery माइक्रोसurgery का एक अत्यंत उन्नत रूप है, जिसमें 0.8 मिलीमीटर से भी छोटी रक्त वाहिकाओं पर काम किया जाता है, जो 0.3 से 0.5 मिलीमीटर जितनी बारीक होती हैं। इन प्रक्रियाओं में हाई-एंड सर्जिकल माइक्रोस्कोप और बेहतरीन उपकरणों का उपयोग किया जाता है, जिनके टांके बाल की मोटाई से तीन से पांच गुना पतले होते हैं। यह उन प्रक्रियाओं के लिए अति-शक्तिशाली, हाई-энд सर्जिकल माइक्रोस्कोप और बेहतरीन उपकरणों का उपयोग करता है जिन्हें सामान्य माइक्रोस्कोप के तहत ठीक करना असंभव है।

कार्यशाला में हुईं छह प्रमुख सर्जरी और तकनीकें


कार्यशाला के हिस्से के रूप में छह सर्जरी की गईं, जिसमें फाइलेरिया और स्तन कैंसर के बाद हाथ की सूजन के लिए लिम्फैटिक सुपर माइक्रोसurgery शामिल थी। इसके अलावा, अल्ट्रा-थिन स्किन फ्लैप से जुड़े गैर-हीलिंग डायबिटिक फुट अल्सर का सुपर माइक्रोसर्जिकल पुनर्निर्माण भी किया गया। यह कार्यशाला एम्स, नई दिल्ली के प्लास्टिक सर्जरी विभाग द्वारा आयोजित की गई थी। इसमें दक्षिण कोरिया के सुपर माइक्रोसurgery और लिम्फैटिक पुनर्निर्माण के वैश्विक विशेषज्ञ प्रोफेसर जून पियो (जे.पी.) हांग मुख्य संसाधन व्यक्ति के रूप में शामिल हुए। अन्य संसाधन व्यक्तियों में कोयंबटूर के गंगा अस्पताल से डॉ. हरि वेंकटरमणी और कासरगोड के एस्टर अस्पताल से डॉ. समरीन जाफर शामिल थे। इसके साथ ही एम्स के संकाय सदस्य डॉ. मनीष सिंघल (प्रोफेसर और विभाग के प्रमुख), डॉ. शशांक चौहान, डॉ. शिवंगी साहा और डॉ. नंदिनी सिंह तंवर भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में इंडोसाइनिन ग्रीन (ICG) इन्फ्रारेड मैपिंग और हाई-फ्रीक्वेंसी अल्ट्रासाउंड मैपिंग सहित तकनीकों का प्रदर्शन भी किया गया।

एम्स की सर्जिकल क्षमताएं और भविष्य के उपचार


एम्स, नई दिल्ली हर साल 300 से अधिक माइक्रोसurgery प्रक्रियाएं कर रहा है। इसकी सर्जिकल क्षमताओं में सुपर माइक्रोसurgery, ICG मैपिंग और हाई-फ्रीक्वेंसी अल्ट्रासाउंड मैपिंग के जुड़ने से स्तन और अन्य कैंसर, लिम्फेडेमा और डायबिटिक फुट अल्सर सहित कई स्थितियों के लिए उपचार के विकल्प का विस्तार करने में मदद मिलेगी। ये तकनीकें डिमेंशिया सर्जरी और माइग्रेन सर्जरी जैसे क्षेत्रों में नए रास्ते खोल सकती हैं।

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